ताज़ा खबर
 

मुहूर्त: हिंदू पंचांग में चौघड़ियों का महत्व

सामान्य रूप से श्रेष्ठ चौघड़िए शुभ, चंचल, अमृत और लाभ के माने जाते हैं। उद्वेग, रोग और काल को अच्छा नहीं माना जाता है।

Author नई दिल्ली | October 26, 2020 5:53 AM
हिंदू पंचांगहिंदूं पंचाग में चौघड़िया को देखकर बहुत प्रकार काम किए जाते हैं।

हिंदू पंचांग और ज्योतिष के अनुसार जब कोई मुहूर्त नहीं निकल रहा हो और किसी कार्य को शीघ्रता से आरंभ करना हो अथवा यात्रा पर जाना हो तो उसके लिए चौघड़िया मुहूर्त देखकर कार्य करना या यात्रा करना उत्तम माना जाता है।  

चौघड़िया मुहूर्त ज्योतिष की एक ऐसी तालिका है जो कि खगोलीय स्थिति के आधार पर दिन के 24 घंटों की दशा बताती है। दिन और रात के आठ-आठ हिस्से का एक चौघड़िया होता है। यानी 12 घंटे का दिन और 12 घंटे की रात में प्रत्येक 1.30 मिनट का एक चौघड़िया होता है। चौघड़िया सूर्योदय से प्रारंभ होता है। सात चौघड़ियों के बाद पहला चौघड़िया ही आठवां चौघड़िया होता है। सात वारों के चौघड़िए अलग-अलग होते हैं।

सामान्य रूप से श्रेष्ठ चौघड़िए शुभ, चंचल, अमृत और लाभ के माने जाते हैं। उद्वेग, रोग और काल को अच्छा नहीं माना जाता है। प्रत्येक चौघड़िए का ग्रह स्वामी होता है जो उस समय में बलप्रधान माना जाता है। उद्वेग का रवि, चंचल का शुक्र, लाभ का बुध, अमृत का चंद्र, काल का शनि, शुभ का गुरु, रोग का मंगल ग्रह स्वामी है। 

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 दिल्ली मेरी दिल्ली
2 आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम: गोबर से बर्तन ही नहीं, बनने लगीं मूर्तियां भी
3 उत्तर प्रदेश में जड़ें मजबूत करने की कोशिश में ‘आप’
ये पढ़ा क्या?
X