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कोरोना पर IMA की बात सही! गंगा राम अस्पताल के डॉक्टर ने चेताया- धारावी और दिल्ली के हिस्सों में हुआ है कम्युनिटी ट्रांसमिशन

गंगाराम अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने भी आईएमए की बात को सही ठहराया है और देश में कोरोना का कम्यूनिटी ट्रांसमिशन शुरू होने की बात कही है।

coronavirus india, india covid-19 cases, 10 lakh coronavirus cases india, covid updates, india coronavirus deaths, covid pandemic, jansatta newsदेश में कोरोना वायरस महामारी तेजी से फैल रही है।

देश में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अब इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के ताजा बयान से चिंता बढ़ सकती है। दरअसल आईएमए का कहना है कि देश में कोरोना कम्यूनिटी ट्रांसमिशन शुरू हो गया है। वहीं गंगाराम अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने भी आईएमए की बात को सही ठहराया है और देश में कोरोना का कम्यूनिटी ट्रांसमिशन शुरू होने की बात कही है।

बता दें कि गंगाराम अस्पताल के सेंटर फॉर चेस्ट सर्जरी विभाग के चेयरमैन डॉ. अरविंद कुमार का कहना है कि देश में कम्यूनिटी ट्रांसमिशन पहले भी हो रहा था लेकिन तब यह सिर्फ दो जगह पर था, जिनमें मुंबई का धारावी इलाका और दिल्ली के कुछ इलाके शामिल थे। लेकिन अब जिस तरह से हर दिन मामले बढ़ रहे हैं, उससे साफ है कि आईएमए की बात बिल्कुल सही है और पूरे देश में कोरोना का कम्यूनिटी ट्रांसमिशन शुरू हो चुका है।

बता दें कि कम्यूनिटी ट्रांसमिशन में वायरस एक आदमी से दूसरे आदमी में तेजी से फैलता है और साथ ही इसके सोर्स का पता लगाना भी मुश्किल होता है, जिसके चलते वायरस के संक्रमण को नियंत्रित करना भी खासा मुश्किल होता है।

आईआईटी-भुवनेश्वर और एम्स के शोधकर्ताओं द्वारा संयुक्त रूप से किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि मानसून और ठंड में तापमान गिरने पर कोविड-19 संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं। आईआईटी-भुवनेश्वर में स्कूल ऑफ अर्थ, ओसियन एंड क्लाइमेट साइंसेज के सहायक प्रोफेसर वी विनोज के नेतृत्व में किए गए इस अध्ययन के अनुसार बारिश, तापमान में गिरावट और ठंड का मौसम कोविड-19 संक्रमण के प्रसार के लिए अनुकूल हो सकता है।

‘भारत में कोविड-19 के प्रसार की तापमान और सापेक्षिक आर्द्रता पर निर्भरता’ शीर्षक रिपोर्ट में अप्रैल और जून के बीच 28 राज्यों में कोरोना वायरस के प्रकोप और संक्रमण के मामलों की संख्या को ध्यान में रखा गया है। विनोज ने कहा कि अध्ययन में पता चला है कि तापमान में वृद्धि वायरस के प्रसार में गिरावट का कारण बनती है। उन्होंने पीटीआई-भाषा को बताया,‘अध्ययन के अनुसार तापमान में एक-डिग्री सेल्सियस की वृद्धि के कारण मामलों में 0.99 प्रतिशत की कमी होती है और मामलों को दोगुना होने का समय 1.13 दिनों तक बढ़ जाता है।’

अध्ययन में यह भी पाया गया कि सापेक्ष आर्द्रता में वृद्धि से कोरोना वायरस मामलों की वृद्धि दर कम हो जाती है और दोगुना होने का समय 1.18 दिनों तक बढ़ जाता है। रिसर्च टीम का हिस्सा रहे एम्स भुवनेश्वर के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की डॉ बिजयिनी बेहरा ने कहा कि कई अध्ययनों में पता चला है कि तापमान में गिरावट और अपेक्षाकृत कम आर्द्रता ने महामारी को फैलने में सहयोग किया है। हालांकि शोधकर्ताओं ने कहा है कि सटीक नतीजों के लिए अभी और शोध की जरूरत है।

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