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मुसलमानों में शिक्षा की सबसे ज्यादा कमी: 42.7 फीसदी निरक्षर, ग्रेजुएट तीन फीसदी से भी कम

इन आंकड़ों के मुताबिक देश में हिंदुओं की कुल आबादी का 36.40 फीसदी हिस्सा निरक्षर है। वहीं, ​सिख, बौद्ध और ईसाई समुदायों में निरक्षरता की दर क्रमश: 32.5, 28.2 और 25.6 फीसदी है।

Census 2011, religious community and gender based census, 42.7 per cent Muslims illiterate, 36.4 percent Hindus illiterate, Government of India, Jain Community, Christians in India, Buddhists, Sikhs, Educational Census of India, Education in India, Literacy in Indiaभारत में मुस्लिम समुदाय के बीच साक्षरता की दर सबसे कम है। देश में 42.7 फीसदी मुसलमान निरक्षर हैं।

सरकार द्वारा बुधवार को जारी किए गए धर्म और लिंग आधारित शैक्षणिक आंकड़ों के मुताबिक देश में मुस्लिमों की कुल आबादी का 42.7 फीसदी हिस्सा निरक्षर है। वहीं, जैन समुदाय में साक्षरता की दर 86.40 फीसदी है। यह आंकड़ें 2011 की जनगणना पर आधारित हैं।

इन आंकड़ों के मुताबिक देश में हिंदुओं की कुल आबादी का 36.40 फीसदी हिस्सा निरक्षर है। वहीं, सिख, बौद्ध और ईसाई जैसे अल्पसंख्यक समुदायों में निरक्षरता की दर क्रमश: 32.5, 28.2 और 25.6 फीसदी है। यदि पूरे देश की बात करें तो कुल आबादी का 36.90 फीसदी हिस्सा निरक्षर है। ईसाई समुदाय की कुल आबादी का 74.30 फीसदी हिस्सा साक्षर है। वहीं, बौद्ध, सिख, हिंदू और मुस्लिम समुदाय की कुल आबादी का क्रमश: 71.8, 67.5, 63.6 और 57.3 हिस्सा साक्षर है।

देश में सभी धर्मों को मिलाकर देखा जाए तो कुल आबादी का मात्र 5.63 फीसदी हिस्सा ऐसा है जो स्नातक या उससे अधिक की शिक्षा ग्रहण कर पाया है, जिसमें 61.60 फीसदी पुरुष और 38.40 फीसदी महिलाएं शामिल हैं। सभी धर्मों के 7 से 16 साल की आयु वर्ग को देखें तो 11.7 फीसदी हिस्सा निरक्षर है, 1.46 फीसदी हिस्सा स्व साक्षर है (लिटरेट विदाउट ऐजुकेशन), 36.67 फीसदी ने प्राइमरी से नीचे तक की शिक्षा हासिल की है, 26.62 फीसदी ने प्राइमरी तक की शिक्षा ग्रहण की हैं, 15.56 फीसदी ने मिडिल स्कूल तक की शिक्षा ग्रहण की है और 5.69 फीसदी ने दसवीं तक की शिक्षा ग्रहण की है।

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सभी धर्मों के 17 से 18 वर्ष तक की आयु वर्ग का 11.73 फीसदी हिस्सा निरक्षर है, 2.62 फीसदी हिस्सा स्व साक्षर है (लिटरेट विदाउट ऐजुकेशन), 4.62 फीसदी प्राइमरी से नीचे तक शिक्षित हैं, 14.35 फीसदी प्राइमरी तक शिक्षित हैं, 18.59 फीसदी मिडिल स्कूल तक शिक्षित हैं, 31.97 फीसदी ने दसवीं तक की शिक्षा ग्रहण की है और 14.99 फीसदी ऐसे हैं जिन्होंने 12वीं तक पढ़ाई की है।

वहीं, सभी धर्मों के 19 से 24 वर्ष तक की आयु वर्ग की बात करें तो 16.25 फीसदी निरक्षर हैं, 4.20 फीसदी स्व साक्षर लिटरेट विदाउट ऐजुकेशन हैं, 5.73 फीसदी प्राइमरी से नीचे तक शिक्षित हैं, 14.93 फीसदी ने प्राइमरी तक पढ़ाई की है, 19.66 फीसदी मिडिल तक पढ़ें हैं, 11.58 फीसदी ने दसवीं तक शिक्षा ग्रहण की है, 16.84 फीसदी ने 12वीं तक पढ़ाई की है, 0.20 फीसदी ने नॉन टेक डिप्लोमा कोर्स किया है, 1.56 फीसदी ऐसे हैं जिन्होंने टेक्निकल डिप्लोमा कोर्स किया है और 10.91 फीसदी ने स्नातक या उससे अधिक की शिक्षा ग्रहण की है।

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आकड़ों के मुताबिक जैन समुदाय की कुल आबादी का 25.65 फीसदी हिस्सा स्नातक या उससे ज्यादा शिक्षित है, जिसमें 44.80 फीसदी महिलाएं हैं। ईसाई समुदाय की कुल आबादी का 8.84 फीसदी हिस्सा स्नातक या उससे अधिक शिक्षित है, जिसमें महिलाओं की हिस्सेदारी 49.80 फीसदी है। सिक्ष समुदाय की कुल आबादी का 6.39 फीसदी हिस्सा स्नातक या उससे अधिक शिक्षित है, जिसमें 49.90 फीसदी महिलाएं शामिल हैं।

बौद्ध समुदाय में यह आकड़ा 6.17 फीसदी है और महिलाओं की हिस्सेदारी 38.15 परसेंट है। हिंदुओं की कुल आबादी का 5.98 फीसदी हिस्सा स्नातक या उससे अधिक शिक्षित है, जिसमें 37.5व फीसदी भागीदारी महिलाओं की है। वहीं, मुस्लिमों की कुल आबादी का 2.75 फीसदी हिस्सा स्नातक या उससे ज्यादा शिक्षित, जिसमें महिलाओं की भागीदारी 36.65 परसेंट हैं।

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