चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चल रहे चुनावों में मतदाताओं को रिझाने के लिए चुनावों में पैसा और शराब का सबसे ज्यादा इस्तेमाल की कोशिश हो रही है। चुनाव आयोग ने रविवार को कहा कि चुनावी प्रदेशों में प्रवर्तन अधिकारियों ने मतदाताओं को लुभाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली 650 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध नकदी, मादक पदार्थ और शराब जब्त की है। चुनाव आयोग ने जहां पश्चिम बंगाल में मतदाताओं के लिए सबसे अधिक शराब, तो वहीं दूसरी ओर तमिलनाडु में पैसे की जब्ती की है।

650 करोड़ की अवैध सामग्री जब्त

चुनाव आयोग की जांच टीमों की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। आयोग के मुताबिक रविवार तक चुनावी राज्यों समेत उप चुनाव वाले क्षेत्रों से कुल 651 करोड़ रुपए से अधिक सामग्री जब्त की जा चुकी है। इन सामान में नकदी, शराब और नशीले पदार्थ शामिल है। आयोग का मानना है कि यह सामग्री मतदाताओं को लुभाने के के लिए इस्तेमाल की जा सकती थी लेकिन प्रवर्तन विभाग की टीमों ने पहले ही इस सामग्री को राज्यों में जब्त कर लिया है।

बंगाल से 319 करोड़ रुपये की अवैध नकदी जब्त

आयोग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार पश्चिम बंगाल से 319 करोड़ रुपये की अवैध नकदी, मादक पदार्थ, शराब और मूल्यवान धातुएं जब्त की गई हैं। इसके बाद तमिलनाडु का स्थान है जहां 170 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल उन राज्यों में शामिल है, जहां पर सबसे अधिक शराब को पकड़ा गया है। यहां जांच टीमों ने अब तक 2129103 लीट शराब पकड़ी है, जबकि तमिलनाडु में 74029 लीटर, असम में 684627 लीटर, केरल में 64862 लीटर और पुदुचेरी में 11068 लीटर शराब को पकड़ा जा सकता है।

अब तक सभी राज्यों में कुल 29,63,689 लीटर शराब जब्त की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त पैसों के मामले में तमिलनाडु राज्य में सबसे अधिक जब्ती हुई है। यहां पर अब तक आयोग 30 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पकड़ी है। पश्चिम बंगाल में 11 करोड़, असम में 4 करोड़, केरल में 8 करोड़, और पुदुचेरी में 20 लाख रुपये पकड़े जा चुके हैं। इन राज्यों में केवल पैसा और शराब ही नहीं बल्कि अन्य नशीलें पदार्थ और उपहार भी बीते दिनों में जांच से दौरान पकड़े गए हैं। इन सामान में सभी राज्यों में कुल 230 करोड़ रुपए मूल्य के नशीले पदार्थ, 58 करोड़ रुपए की कीमती धातुएं, 231.01 करोड़ रुपए के मुफ्त उपहार पकड़े जा चुके हैं।

जिला शिकायत समितियों का किया गया गठन

चुनाव आयोग के मुताबिक अब तक जितनी भी धनराशि व सामान पकड़ा गया है, उसकी कुल कीमत करीब 651.51 करोड़ रुपए हैं। आयोग का कहना है कि जांच प्रक्रिया के दौरान आम नागरिकों को उत्पीड़न से बचाया जा सके। इसके लिए आयोग की ओर से जिला शिकायत समितियों का भी गठन किया गया है। शिकायतों का निपटारा 100 मिनट के भीतर सुनिश्चित करने के लिए 5,173 से अधिक उड़नदस्तों को तैनात किया गया है।

निर्वाचन आयोग के अनुसार इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर अचानक नाकेबंदी करने के लिए 5,200 से अधिक स्थिर निगरानी दल (एसएसटी) भी तैनात किए गए हैं। केरल, असम और पुडुचेरी में नौ अप्रैल को मतदान होगा, जबकि पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को एक ही चरण में होगा। छह राज्यों की आठ विधानसभा सीटों पर नौ और 23 अप्रैल को उपचुनाव भी होंगे।

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असम विधानसभा चुनाव में राजधानी की अहम सीट दिसपुर पर मुकाबला दिलचस्प और जटिल हो गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे जयंत कुमार दास के निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरने से यहां त्रिकोणीय मुकाबला बन गया है। पढ़ें पूरी खबर