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बिना रेवेन्यू वाली कंपनी को IL&FS ने दिया 52 करोड़ का लोन, फिर उसी लोन को चुकाने के लिए बिजनेसमैन को दिए 52 करोड़; फोरेन्सिक ऑडिट में हुआ खुलासा

KDPL ने51.98 करोड़ रुपए का लोन ओशीनफ्रंट इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड (OIPL) को दिया। ये भी सारंग काले की ही कंपनी है और इसका भी रेवेन्यू वित्तीय वर्ष 2015 से लेकर 2019 के बीच जीरो ही रहा है।

Author Translated By नितिन गौतम नई दिल्ली | Updated: August 11, 2020 9:48 AM
ILFS LOAN SACM SARANG KALEग्रांट थोर्टन के ऑडिट में यह खुलासा हुआ है।

पुणे के एक प्रभावशाली उद्योगपति ने इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विस लिमिटेड (IL&FS) से 52 करोड़ रुपए का लोन लिया और फिर उस लोन को कई फर्मों का चक्रव्यूह रचाकर अपनी दूसरी कंपनी का लोन IL&FS को ही चुकाने में इस्तेमाल किया। ग्रांट थोर्टन के फोरेंसिक ऑडिट में इस बात का खुलासा हुआ है। वहीं वह उद्योगपति सारंग काले हैं।

रिकॉर्ड के अनुसार, 7 जनवरी, 2017 को आईएल एंड एफएस ग्रुप की एक कंपनी आईएल एंड एफएस ट्रांसपोर्टेशन एंड नेटवर्क लिमिटेड (ITNL) ने राजस्थान लैंड होल्डिंग लिमिटेड को 52 करोड़ रुपए का लोन दिया। गौरतलब है कि जिस कंपनी को लोन दिया गया उस कंपनी ने कोई रेवेन्यू जेनरेट नहीं किया था। रिकॉर्ड से पता चला है कि राजस्थान लैंड होल्डिंग लिमिटेड रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट कंपनी ऑफ राजस्थान लिमिटेड (RIDCOR) की सब्सिडरी कंपनी है।

उसी दिन के रिकॉर्ड से पता चला है कि राजस्थान लैंड होल्डिंग ने 52 करोड़ का शॉर्ट टर्म लोन Kaleidoscope Developers Ltd (KDPL) को दिया था। यह कंपनी भी सारंग काले की ही है। इसके बाद KDPL ने51.98 करोड़ रुपए का लोन ओशीनफ्रंट इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड (OIPL) को दिया। ये भी सारंग काले की ही कंपनी है और इसका भी रेवेन्यू वित्तीय वर्ष 2015 से लेकर 2019 के बीच जीरो ही रहा है। उसी दिन OIPL ने इस पैसे से IL&FS की कंपनी ITNL का लोन चुकाया।

मार्च 2017 के अंत में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के सामने दिए अपने फाइनेंशियल स्टेटमेंट में OIPL ने बताया था कि कंपनी को KDPL से साल 2016-17 में 51.98 करोड़ रुपए का लोन मिला है और उसने ITNL को 40 करोड़ रुपए का लोन का भुगतान किया है।

ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया है कि “यह अजीब है कि जब राजस्थान लैंड होल्डिंग ने कोई रेवेन्यू जेनरेट ही नहीं किया है तो ऐसा लगता है कि वह लोन चुकाने में सक्षम नहीं है। ITNL ने 124.48 करोड़ रुपए का लोन दिया, जो कि मुख्य तौर पर संबंधित पार्टियों को एडवांस बनाने और लोन के भुगतान में इस्तेमाल किया गया। ऐसा लगता है कि ITNL द्वारा राजस्थान लैंड होल्डिंग को जो लोन दिया गया वह OIPL द्वारा अपना मौजूदा लोन चुकाने के लिए ITNL को दिया गया।”

वहीं RIDCOR के पूर्व चेयरमैन और जुलाई 2016 से जून 2017 के बीच राजस्थान को मुख्य सचिव रहे ओपी मीणा ने इस बारे में कोई जानकारी होने से इंकार कर दिया है। मीणा ने कहा कि ये ट्रांजैक्शन बोर्ड के अप्रूवल के लिए नहीं आयीं, इसलिए उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।

IL&FS के प्रवक्ता ने भी इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। बिजनेसमैन सारंग काले को जो ईमेल और मैसेज भेजे गए, उनका भी कोई जवाब नहीं आया है।

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