दिल्ली के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT दिल्ली) में 31 वर्षीय छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत के मामले में पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कुमार की मौत के बाद संस्थान परिसर में लगातार दो दिनों तक छात्रों ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने यह FIR अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की है।
पुलिस के मुताबिक, घटना 22 अगस्त को हुई थी। कुमार के IIT दिल्ली के लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से कथित तौर पर छलांग लगाने की बात सामने आई है। संस्थान के मुख्य सुरक्षा अधिकारी ने घटना की जानकारी पुलिस को दी थी, जिसके बाद उसी शाम मामला दर्ज कर लिया गया।
सुप्रीम कोर्ट की NTF की सिफारिश के बाद कार्रवाई
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, यह FIR सुप्रीम कोर्ट की अगुवाई वाली नेशनल टास्क फोर्स (NTF) की सिफारिशों के तहत दर्ज की गई है। NTF का गठन पिछले साल मार्च में उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं और आत्महत्या की घटनाओं को रोकने के लिए किया गया था।
अधिकारी ने बताया कि NTF की सिफारिशों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने उच्च शिक्षण संस्थानों को परिसर में होने वाली किसी भी अप्राकृतिक मौत या आत्महत्या की घटना की तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना देने का निर्देश दिया था। इसके बाद पुलिस को मामले की जांच कर अदालत के समक्ष रिपोर्ट पेश करनी होती है।
CCTV फुटेज भी जांच का हिस्सा
जांच के दौरान सामने आया है कि कैंपस में लगे CCTV कैमरों की फुटेज में ऋषिकेश कुमार घटना से कुछ समय पहले अकेले चलते हुए दिखाई दिए। इसके बाद वह लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल पर जाने के लिए लिफ्ट लेते नजर आए।
सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद IIT दिल्ली प्रशासन ने भी स्थानीय पुलिस को शिकायत दी और मामले की विस्तृत जांच के साथ समय पर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
इस साल IIT दिल्ली में दूसरी ऐसी घटना
ऋषिकेश कुमार की मौत इस साल IIT दिल्ली के किसी छात्र की कथित आत्महत्या की दूसरी घटना है। इससे पहले मार्च में 19 वर्षीय BTech छात्र हर्षित स्वामी अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाए गए थे। उनके मामले में पंखे से लटककर जान देने की आशंका जताई गई थी।
हर्षित स्वामी की मौत के मामले में भी संस्थान के सुरक्षा अधिकारी की लिखित शिकायत के आधार पर किशनगढ़ पुलिस स्टेशन में आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उस मामले की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है।
ऋषिकेश कुमार की मौत के मामले में पुलिस अब CCTV फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। FIR अज्ञात के खिलाफ दर्ज होने के कारण जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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गुजरात के वडोदरा में नाबालिग से हुए बहुचर्चित नवरात्रि गैंगरेप मामले में दोषी ठहराए गए पांच आरोपियों को अब कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है। गुजरात सरकार ने मंगलवार, 25 अगस्त को विशेष POCSO अदालत से पांचों दोषियों को मौत की सजा देने या फिर उनकी प्राकृतिक मृत्यु तक उम्रकैद की सजा देने की मांग की। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
