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प्रधानाचार्यों को प्रबंधन के गुर सिखाएंगे आइआइएम (के) के निदेशक

देश भर के 1200 केंद्रीय विद्यालयों (केवी) और 600 नवोदय विद्यालयों (एनवी) के प्रधानाचार्यों को भारतीय प्रबंधन संस्थान (आइआइएम) कोझीकोड़ के निदेशक डॉक्टर देबाशीष चटर्जी प्रबंधन के गुर सिखाएंगे।

Author February 4, 2019 6:03 AM
भारतीय प्रबंधन संस्थान (आइआइएम) कोझीकोड़ के निदेशक डॉक्टर देबाशीष चटर्जी (Source: www.iimk.ac.in)

देश भर के 1200 केंद्रीय विद्यालयों (केवी) और 600 नवोदय विद्यालयों (एनवी) के प्रधानाचार्यों को भारतीय प्रबंधन संस्थान (आइआइएम) कोझीकोड़ के निदेशक डॉक्टर देबाशीष चटर्जी प्रबंधन के गुर सिखाएंगे। डॉक्टर चटर्जी छह फरवरी से शुरू होने वाले दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रधानाचार्य सम्मेलन ‘लक्ष्य : उत्कृष्टता की ओर’ के एक सत्र को संबोधित करेंगे। केवी और एनवी के प्रधानाचार्यों का इस तरह का सम्मेलन पहली बार आयोजित किया जा रहा है। मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्री प्रकाश जावड़ेकर सीरी फोर्ट सभागार में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।

केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) के आयुक्त संतोष कुमार मल्ल ने बताया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य सभी प्रधानाचार्यों का ध्यान गुणवत्ता अभिविन्यास की ओर फिर से ले आना है। उन्होंने बताया कि इस दौरान जो प्रधानाचार्य अपने स्कूलों में बेहतर कार्य कर रहे हैं, वे अपने कार्यों की प्रस्तुति इस सम्मेलन में देंगे। सम्मेलन में प्रेरणादायक व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे ताकि प्रधानाचार्य अपने शिक्षकों और विद्यार्थियों को प्रेरित कर सकें।

सम्मेलन के पहले दिन ईशा फाउंडेशन के सद्गुरु जग्गी वासुदेव संबोधित करेंगे। सद्गुरु प्रधानाचार्यों को बताएंगे कि वे अपने स्कूल के शिक्षकों और विशेषकर विद्यार्थियों को किस प्रकार से प्रेरित कर सकते हैं। प्रेरणा के अभाव में विद्यार्थी बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं लेकिन जब उन्हें कहीं से प्रेरणा मिल जाती है तो वे बड़े से बड़े लक्ष्य को भी आसानी से हासिल लेते हैं। इसके बाद आइआइएम कोझीकोड़ के निदेशक प्रधानाचार्यों को विद्यालय नेतृत्व पर व्याख्यान देंगे। डॉक्टर चटर्जी बताएंगे कि इस प्रकार से प्रधानाचार्य का कार्य एक बेहतर शिक्षक के साथ एक अच्छे प्रबंधक का भी होता है। अगर ये तालमेल नहीं हुआ तो विद्यालयों को संभालना मुश्किल हो सकता है।

सम्मेलन के दूसरे दिन केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों की सफलता की कहानियां बताई जाएंगी। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में सबसे बेहतर अभ्यास करने वाले स्कूलों के प्रधानाचार्य अपने कार्यों की प्रस्तुति देंगे। इससे अन्य प्रधानाचार्य भी उस अभ्यास को अपने स्कूल में शुरू कर पाएंगे और विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों को भी फायदा होगा। सम्मेलन में एचआरडी मंत्रालय में सचिव (स्कूली शिक्षा व साक्षरता) रीना रे विद्यार्थी कल्याण पर प्रधानाचार्यों को संबोधित करेंगी। उद्घाटन में एचआरडी राज्य मंत्री डॉक्टर सत्यपाल सिंह भी मौजूद रहेंगे।

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