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पहली बार कर रहे हैं शेयर मार्केट में निवेश, तो ऐसे पा सकते हैं ज्यादा रिटर्न्स और बचा सकते हैं टैक्स

अपने रिलेशनशिप मैनेजर या एजेंट द्वारा बताई गई योजना पर आंख बंद करके निवेश न करें।

बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज। (Express Photo)

आदिल शेट्टी, सीईओ, बैंक बाजार

ज्यादा रिटर्न पाने और टैक्स बचाने के लिए निवेशक अब शेयर बाजार में पैसा लगाने लगे हैं। इसमें नए निवेशक भी शामिल हैं। इक्विटी में निवेश करना जोखिम भरा होता है। नए निवेशकों के लिए, इक्विटी म्यूच्यूअल फंड्स एक अच्छा इनवेस्टमें ऑप्शन है। इक्विटी म्यूच्यूअल फंड्स को एक्सपर्ट फंड मैनेजरों द्वारा मैनेज किया जाता है, जो तय करते हैं कि कौन सा शेयर खरीदना है, कौन सा शेयर रखना है, या कौन सा शेयर बेचना है ताकि अधिक से अधिक रिटर्न मिल सके। इस तरह पहली बार निवेश करने वाले निवेशकों के लिए यह बहुत मददगार साबित होता है क्योंकि उनके पास आवश्यक फाइनेंशियल जानकारियां नहीं भी हो सकती हैं कि किस शेयर को खरीदना है, किस शेयर को रखना है, या किस शेयर को बेचना है। आप घर बैठे म्यूचुअल फंड्स में पैसा लगा सकते हैं। पहली बार निवेश करने वालों के लिए कुछ सुझाव हैं।

इनवेस्टमेंट का टारगेट फिक्स करें: निवेश करना शुरू करने से पहले हमेशा अपने दिमाग में एक योजना तैयार कर लें। इससे आपको अपने निवेश की अवधि और रिटर्न को तय करने में मदद मिलती है और सबसे अच्छे इनवेस्टमेंट साधनों की पहचान करने में भी मदद मिलती है। उदाहरण के लिए, यदि आप 30 साल में  रिटायर होना चाहते हैं। तो एक लॉन्ग टर्म टारगेट होने के कारण आपको ऐसे इक्विटी म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश करना चाहिए जिन्होंने पहले अच्छे रिटर्न्स दिए हों।

सही प्लान ढूंढें: यह अक्सर बहुत मुश्किल भरा होता है। बाजार में हर तरह के निवेश के लिए हजारों  म्यूचुअल फंड योजनाएं हैं। यदि आपको ये योजनाएं भ्रामक लगे तो इंटरनेट पर स्वयं कुछ खोजबीन करें, या किसी एक्सपर्ट की राय ले लें। अपने रिलेशनशिप मैनेजर या एजेंट द्वारा बताई गई योजना पर आंख बंद करके निवेश न करें। किसी भी योजना को चुनने से पहले, उसके एग्जिट लोड और कुल व्यय अनुपात के
बारे में अच्छी तरह पढ़ लें।

गिरने का इंतजार करें: यदि आप एकमुश्त निवेश करना चाहते हैं तो बाजार के गिरने या नीचे आने का इंतजार करना सबसे अच्छा होता है। जिस दिन बाजार सही होगा उस दिन आपको सस्ते एनएवी मिल सकते हैं। कम लागत पर अतिरिक्त म्यूचुअल फंड यूनिट खरीदने से आपको अपने परचेंज वेल्यू में कटौती करने में मदद मिल सकती है जिससे आगे चलकर बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

एसआईपी का इस्तेमाल करें: अपना सारा पैसा किसी एक जगह निवेश करने के लालच में न फंसें। आपको म्यूचुअल फंड योजनाओं के हालिया प्रदर्शन आकर्षक लग सकते हैं। लेकिन भविष्य में ऐसा ही रिटर्न मिलने की कोई गारंटी नहीं होती है। एक मासिक सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान का इस्तेमाल करें जिससे आपको अपनी लागत को संतुलित करने और जोखिम को कम करने में मदद मिलती है। यह खास तौर पर इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश करते समय काफी मददगार साबित होता है।

लंबा सोचें: इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश करते समय, आपको छोटे लाभ के बजाय लॉन्ग टर्म टारगेट के बारे में सोचना चाहिए क्योंकि छोटे लाभ फायदेमंद हो भी सकते हैं और नहीं भी, लेकिन लॉन्ग टर्म निवेश से आपको एक बहुत बड़ी धनराशि जमा करने का मौका मिलता है जिससे आपको अपने चुनौतीपूर्ण उद्देश्यों को पूरा करने में मदद मिलती है जैसे कोई दूसरा घर खरीदना, या एक रिटायरमेंट फंड तैयार करना। बाजार के उतार-चढ़ाव को देखकर हतोत्साहित न हों, अपना ध्यान अपने लक्ष्य पर रखें और इस बात पर भी कि इक्विटी म्यूच्यूअल फंड्स के माध्यम से आप अपने लक्ष्य को कैसे प्राप्त कर सकते हैं।

अपने पोर्टफोलियो पर हमेशा नजर रखें: देखें कि आपका निवेश कैसा रिटर्न दे रहा हैं। आप अपने निवेश पर नजर रखने के लिए और जरूरत पड़ने पर सुधारात्मक कदम उठाने के लिए, अपने फोन में एक पोर्टफोलियो ऐप इंस्टाल कर सकते हैं या किसी मुफ्त ऑनलाइन पोर्टफोलियो सेवा का इस्तेमाल कर सकते हैं। आपको रोज नजर रखने की जरूरत नहीं है, बस नियमित रूप से नजर रखें। आपको अपने म्यूचुअल फंड स्टेटमेंट्स भी पढ़ने चाहिए, जिससे आपको यह जानकारी मिलती रहेगी कि आपके पास कितने यूनिट हैं और आपने किस फंड में कितना निवेश किया है।

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