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अगर आप बेचने जा रहे हैं अपना सोना तो इन बातों का रखें ध्‍यान

अपना सोना बेचने से पहले आपको पता होना चाहिए कि उसका वजन कितना है और वो कितने कैरेट यानी शुद्धता का है। हॉलमार्क ज्‍वेलरी में इन दोनों बातों की जानकारी होती है। जिससे आपको आपके सोने की सही कीमत के बारे में पता चल सकता है।

कोरोना काल में रुपयों की जरुरत पड़ने पर लोगाें ने अपने घर पर रखे सोने को बेचना शुरू कर दिया है। ऐसे लोगों की संख्‍या लगातार बढ़ती जा रही है। ( Express Photo by Amit Chakravarty )

बहुत से लोग रुपयों की जरुरत पड़ने पर गोल्‍ड ज्‍वेलरी को बेचने का ऑप्‍शन चुनते हैं। मौजूदा समय में चल रही महामारी के कारण, ऐसे लोगों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कई लोग नौकरी छूटने या व्यवसाय बंद होने के कारण आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। अगर आप भी अपने सोने के आभूषण बेचने की योजना बना रहे हैं, तो यहां कुछ ऐसे बिंदु दिए गए हैं जिनकी मदद से आप अपने सोने की बेहतर कीमत पाने में सफलता प्राप्‍त कर सकते हैं।

ज्वैलरी को बेचने की योजना बनाने से पहले आपको उसका सही वजन और कैरेट पता होना चाहिए। यदि आपके पास आभूषण है तो आप उसकी परचेसिंग रिसिप्‍ट पर इसकी जांच कर सकते हैं, क्योंकि ज्वैलरी बेचते समय अधिकांश ज्वैलर्स इसका उल्लेख करते हैं। यदि आपके पास रसीद नहीं है या रसीद पर इसकी जानकारी नहीं है तोबेहतर होगा कि पहले इन दोनों बातों का पता लगा लिया जाए। आप इसके लिए ऐसे ज्‍वेलर्स से संपर्क कर सकते हैं जिनके पास कैरेट मीटर हो, ध्‍यान रहे कि आप अपने सोने की जांच एक ही ज्‍वेलर से नहीं बल्कि दो या तीन ज्‍वेलर्स से कराएं। ताक‍ि किसी तरह का कंफ्यूजन ना रहे और आपको सही जानकारी मिल सके। अगर आपकी ज्‍वेलरी पर हॉलमार्क का निशान है तो दोनों की जानकारी आसानी से मिल जाती है क्‍योंक‍ि हॉलमार्क स्‍टैंप पर कैरेट की जानकारी होती है।

यदि आभूषण का एक टुकड़ा 22 कैरेट का है, तो उस पर 22 कैरेटका उल्लेख होगा। हॉलमार्क कैरेट और सोने की दिन की कीमत उस आभूषण की अनुमानित कीमत निर्धारित करने में मदद कर सकती है जिसे आप बेचने की योजना बना रहे हैं। अगर 24 कैरेट के 10 ग्राम सोने की कीमत 30,000 रुपए है और आप 10 ग्राम सोने के 22 कैरेट के आभूषण बेच रहे हैं, तो इसके 91 .6 फीसदी के हिसाब से कीमत 27,480 रुपए होगी।

डिस्‍काउंट वैल्‍यू के बारे में पता करें : आपको पता होना चाहिए कि आपको सोना खरीदते समय चुकाए गए मेकिंग चार्ज और टैक्स में से कुछ नहीं मिलेगा। इसके अलावा, अगर आभूषण में पत्थर और अन्य धातुएं भी शामिल हैं, तो जौहरी आभूषण की कीमत में और कटौती करेगा। आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ज्‍वेलर स्‍टोन और दूसरी अशुद्धियों के लिए अधिक डिस्‍काउंट तो नहीं ले रहा है। ऐसे में आपको सोना और पत्थरों का वजन अलग-अलग जानना जरूरी होगा।

सही खरीदार का चयन करना काफी जरूरी : आप अपनी ज्‍वेलरी को उस ज्वैलर के हाथों बेचने की कोशिश करें जिससे आपने इसे खरीदा था। कुछ दुकानों की पॉलिसी है कि वे केवल उन्हीं आभूषणों को खरीदेंगे जो उनके द्वारा बेचे गए थे। इसके अलावा आप अपनी ज्‍वेलरी को बेचने से पहले कई ज्‍वेलर्स के पास जाकर अपने सोने के उचित कीमत का पता लगाएं। इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता के अनुसार यदि आप 10,000 रुपए से अधिक के आभूषण बेच रहे हैं, तो जौहरी केवल चेक के माध्यम से भुगतान कर सकता है। ऐसे में आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि क्‍या उस ज्‍वेलर का चेक कैश होगा। साथ ही ज्‍वेलरी कस्‍टमर से केवाईसी की डिमांड कर सकता है। साथ ही आप अपना सोना बेचने के लिए किसी प्रति प्रतिष्ठित ब्रांड के जौहरी के पास जाएं तो बेहतर होगा।

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