देश के पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने इंटरनेट की दुनिया को लेकर अपनी राय रखी। चंद्रचूड़ ने कहा कि अगर हमें देश के भविष्य को बचाना है तो ऐसा कानून होना चाहिए जो इंटरनेट पर जो दिखाया जा सकता है उस पर कुछ कंट्रोल लाए। सीजेआई ने इस दौरान महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी बात की।

पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा कि यह बहुत जरूरी है कि अगर हमें अपने युवाओं को बचाना है और अगर हमें महिलाओं को समाज में देखी जाने वाली जेंडर वायलेंस से बचाना है, अगर हमें देश के भविष्य को बचाना है, तो ऐसा कानून होना चाहिए जो इंटरनेट पर जो दिखाया जा सकता है उस पर कुछ कंट्रोल लाए।

इस दौरान चंद्रचूड़ ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की भी तारीफ की। पूर्व सीजेआई ने इस दौरान 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध का जिक्र किया। जब देश भोजन की कमी से जूझ रहा था और तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देकर और खुद एक समय का भोजन त्यागकर नैतिक नेतृत्व (Ethical Leadership) की मिसाल कायम की।

चंद्रचूड़ ने कहा कि मुझे याद है कि जिस तरह से उन्होंने (लाल बहादुर शास्त्री) खुद को संभाला, उससे मैं बहुत प्रभावित हुआ था और सबसे बढ़कर उनके दिल से दिए गए नारे ‘जय जवान जय किसान’ से। जब उन्होंने सत्ता संभाली तो भारत के लिए बहुत मुश्किल समय था। हमारे यहां 1965 का युद्ध था और उन दिनों हम खाने के स्टॉक की बहुत ज़्यादा कमी का सामना कर रहे थे। उन्होंने नैतिक लीडरशिप की नींव रखी। वह सिर्फ़ भारत के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल थे। हर पीढ़ी लाल बहादुर शास्त्री के काम से उनके जीवन से बहुत प्रेरित हुई है।

बता दें, डीवाई चंद्रचूड़ (Dhananjaya Yeshwant Chandrachud) भारत के 50वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) रहे हैं, जिन्होंने 9 नवंबर 2022 से 10 नवंबर 2024 तक इस पद को संभाला। वह सुप्रीम कोर्ट के एक प्रतिष्ठित न्यायाधीश हैं, जो निजता का अधिकार और सबरीमाला जैसे ऐतिहासिक फैसलों का हिस्सा रहे हैं। उनके पिता, वाईवी चंद्रचूड़, भारत के सबसे लंबे समय तक रहने वाले CJI थे।

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