If US cracks down on H1B visas, we’ll be happy to have Indians relocate to Mexico: Melba Pria - भारत में मैक्सिको की राजदूत ने कहा- अमेरिका अगर H1B वीजा वाले भारतीयों को निकालेगा तो मैक्सिको उनको अपने यहां रखेगा - Jansatta
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भारत में मैक्सिको की राजदूत ने कहा- अमेरिका अगर H1B वीजा वाले भारतीयों को निकालेगा तो मैक्सिको उनको अपने यहां रखेगा

इस बात की मैक्सिको को खुशी होगी कि भारतीय मैक्सिको में आकर काम करेंगे।

यह दोनों देशों के लिए एक अच्छा मौका होगा जब दोनों देश अपने ट्रेड रिलेशन को और मजबूत कर सकेंगे।

अगर अमेरिका H1B वीजा पर काम कर रहे भारतीयों से देश छोड़ने के लिए कहता है तो मैक्सिको उन भारतीयों को अपने यहां रखेगा। इस बात की मैक्सिको को खुशी होगी कि भारतीय मैक्सिको में आकर काम करेंगे। यह दोनों देशों के लिए एक अच्छा मौका होगा जब दोनों देश अपने ट्रेड रिलेशन को और मजबूत कर सकेंगे। साथ ही मैक्सिको की कंपनियों के लिए भारत में आने का भी अच्छा मौका होगा। यह बात भारत में मैक्सिको की राजदूत मेल्बा प्रिआ ने कही। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप की अमेरिका और मैक्सिको के बीच बॉर्डर पर दीवार बनाने की बात पर कहा कि सभी चीजों के अपने अपने फायदे और नुकसान होते हैं।

हालांकि डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद से ही एच1बी वीजा को लेकर तमाम तरह की अनिश्चितताएं बरकरार हैं। यह माना जा रहा है कि ट्रंप जल्द ही इस तरह के वीजा से जुड़े नियम व शर्तों को कड़ा कर सकते हैं। अपने चुनाव प्रचार के समय से ही ट्रंप यह कहते हुए आ रहे हैं कि वह विदेशी कर्मियों को अमेरिकियों की जगह लेने की इजाजत नहीं देंगे। अमेरिका का राष्ट्रपति चुने जाने के बाद ट्रंप ने डिज्नी वर्ल्ड समेत अन्य अमेरिकी कंपनियों का स्पष्ट जिक्र करते हुए कहा था कि इन कंपनियों के बारे में कहा गया है कि उन्होंने अमेरिकी कर्मियों को नौकरी से निकालकर उनकी जगह भारतीयों समेत एन1बी वीजा धारकों को भर्ती किया है। ट्रंप ने डिज्नी वर्ल्ड एवं अन्य अमेरिकी कंपनियों के मामलों का जिक्र करते कहा था कि मैं हर अमेरिकी जीवन की रक्षा करने के लिए लड़ूंगा।

क्या है H1B वीजा: एच1बी वीजा ऐसे विदेशी पेशेवरों के लिए जारी किया जाता है जो ऐसे खास काम में कुशल होते हैं। इसके लिए आम तौर पर उच्च शिक्षा की जरूरत होती है। अमेरिकी सिटीजनशिप और इमिग्रेशन सर्विसेज के अनुसार, इन खास कामों में वैज्ञानिक, इंजीनियर और कंप्यूटर प्रोग्रामर शामिल हैं। हर साल करीब 65000 ऐसे वीजा जारी किए जाते हैं। अमेरिकी कंपनियां इन वीजा का इस्तेमाल उच्च स्तर पर बेहतरीन कुशल पेशेवरों की नियुक्ति के लिए करते हैं। हालांकि अधिकतर वीजा आउटसोर्सिंग फर्म को जारी किए जाते हैं। यह आरोप लगता रहा है कि ऐसी फर्में इन वीजा का इस्तेमाल निचले स्तर की टेक्नोलॉजी नौकरियां भरने के लिए करते हैं। इसके अलावा इसमें लॉटरी सिस्टम से ऐसी आउटसोर्सिंग फर्म को फायदा होता है जो बड़ी संख्या में आवेदन करते हैं।

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