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आजम खान का तंज- मुझे डर है कहीं मदन मोहन मालवीय भी मरणोपरांत भूमाफिया न करार दिए जाएं

एसआईटी गठित होने पर वह बोले- ये सिर्फ बदले की भावना। जुल्म, ज्यादती, नाइंसाफी...क्योंकि मैंने जीत (सांसद) हासिल और इंशाअल्लाह विधानसभा (चुनाव) में भी जीत हासिल करूंगा। यूं नफरत का संदेश देकर बीजेपी सोचती है कि वह फायदा उठा रही है, तो वह गलत समझ रही है।

Azam Khan, SP, SP MP, Landholder, Pandit Madan Mohan Malviya, Posthumous Landholder, Case, National News, India News, Hindi Newsभारत रत्न से सम्मानित पंडित मदन मोहन मालवीय बीएचयू के संस्थापक, समाज सुधारक और जाने-माने स्वतंत्रता सेनानी थे। (फाइल फोटो)

23 केस और भूमाफिया घोषित किए जाने पर उत्तर प्रदेश के रामपुर से समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद और पूर्व मंत्री आजम खान ने तंज कसा है कि उन्हें डर है कि कहीं मदन मोहन मालवीय को मरणोपरांत भूमाफिया न करार दे दिया जाए। बता दें कि देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजे गए भारत रत्न मालवीय बनारस हिंदू विवि (बीएचयू) के संस्थापक, समाज सुधारक, शिक्षाविद और स्वतंत्रता सेनानी थे।

शुक्रवार (19 जुलाई, 2019) को सपा सांसद के खिलाफ कार्रवाई पर मीडिया ने सवाल दागे तो वह बोले, “वे (बीजेपी वाले) लोग चंद बीघा जमीना का विवाद पैदा कर रहे हैं। 400 एकड़ जमीन जिसने खरीदी हो, वह चार-पांच बीघा जमीन के लिए बेइमानी नहीं कर सकता। ये सारी रजिस्ट्रियां तकरीबन 12-14 साल पहले हुई थीं। चेक से पेमेंट हुए थे, सारे कागजात हैं और तभी से कब्जा है। दुनिया और भारत का कोई कानून इसकी इजाजत नहीं देता कि अगर किसी की जमीन बेइमानी, धोखे या ताकत से किसी ने ले ली है, तो उसे किसी थाने में, रजिस्ट्रार ऑफिस या अदालत में कोई दरख्वास्त देनी चाहिए। इसके लिए तीन साल का समयकाल होता है और इससे ऊपर होने पर यह अधिकार खत्म हो जाता है। यह खाली सिविल डिस्प्यूट है, क्रिमिनल नहीं हो सकता।”

बकौल सपा नेता, “12-14 साल के बाद एफआईआर हो रही हैं। दो चार दिनों में दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा, क्योंकि कई सौ एकड़ जमीन खरीदी गई है। उनका रिकॉर्ड निकालने में वक्त लग रहा है। जिन लोगों ने फर्जी एफआईआर कराई हैं, वे तो एक-एक पाई चेक से ले चुके हैं। 12-15 साल पहले।”

एसआईटी गठित होने पर वह बोले- ये सिर्फ बदले की भावना। जुल्म, ज्यादती, नाइंसाफी…क्योंकि मैंने जीत (सांसद) हासिल और इंशाअल्लाह विधानसभा (चुनाव) में भी जीत हासिल करूंगा। यूं नफरत का संदेश देकर बीजेपी सोचती है कि वह फायदा उठा रही है, तो वह गलत समझ रही है। समाज में इतना बटवारा…यह शिक्षा का मंदिर है। लोग तो शिक्षा के लिए जमीनें देते हैं। न कि बीजेपी जमीनों को छीनने के लिए लगी रहती है। चंद बीघा जमीन के लिए इतना गंदा काम निंदनीय है।

आगे यह पूछे जाने पर कि खबरें हैं कि भूमाफिया लिस्ट में आपका नाम शामिल हो सकता है? आजम का जवाब आया, “तो फिर मुझे अंदेशा है कि कल कहीं सर सैयद और मदन मोहन मालवीय को भी मरणोपरांत भूमाफिया न घोषित कर दिया जाए।”

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