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अगर शिवलिंग है तो वहां नमाज मंजूर नहीं होगा- सपा नेता का दावा, ओवैसी को बता दिया शैतान

सपा नेता ने ज्ञानवापी मस्जिद के साथ मथुरा मामले में भी मंदिर को लेकर समर्थन जताया है। उन्होंने कहा कि अगर वहां मंदिर है तो मस्जिद के लिए जमीन लेना भी उचित नहीं है।

Gyanvapi Masjid|Kashi Vishwanath|Gyanvapi mosque
AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी (Photo- Indian Express)

ज्ञानवापी मस्जिद में शिवलिंग के दावे के बीच समाजवादी पार्टी के नेता तारिक अहमद लारी का बड़ा बयान आया है। उन्होंने मंदिर के समर्थन में अपना बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर वहां शिवलिंग है तो नमाज नहीं होनी चाहिए क्योंकि वो मंजूर नहीं होगी। साथ ही, उन्होंने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर हमला करते हुए उन्हें “शैतान” बताया है।

उन्होंने कहा, “अगर मस्जिद में मूर्तियां मौजूद हैं और मूर्तियों की नक्काशियां और शिवलिंग मौजूद है तो मैं कहूंगा कि अभी इसी वक्त वो मंदिर को सौंप देना चाहिए क्योंकि वहां नमाज जायज नहीं है।” उन्होंने कहा कि अगर ये मंदिर है तो मस्जिद के लिए जमीन लेना भी उचित नहीं है। सपा नेता ने कहा, “कोर्ट का फैसला आने दीजिए। हम तो कहेंगे कि मस्जिद के लिए जमीन लेने की जरूरत ही नहीं है क्योंकि अगर वो मंदिर है और मंदिर का ही हिस्सा है तो आपके पास क्यों है और मंदिरों के बीच में बैठकर आप नमाज क्यों पढ़ रहे हो?”

वहीं, मथुरा में शाही ईदगाह के मामले में उन्होंने कहा कि वो ईदगाह है, वहां दो टाइम नमाज होती है, बकरीद और ईद के दिन। ईदगाह शहर के बाहर होती है। मंदिर वालों ने अगर इजाजत दे दी कि ईद के दिन यहां नमाज पढिए, तो अब अगर वापस मांग रहे हैं तो, दे दो बवाल क्यों हो रहा है। ये मैं कानून के हिसाब से बात कर रहा हूं और ये मेरी व्यक्तिगत राय है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे का काम पूरा हो चुका है। अब सर्वे टीम कोर्ट के सामने रिपोर्ट पेश करेगी। सर्वे को लेकर हिंदू पक्ष ने कोर्ट में दावा किया कि मस्जिद में वजूह करने वाली जगह पर शिवलिंग मौजूद है, जबकि मुस्लिम पक्ष ने इसे फव्वारा बताया है। वहीं, कोर्ट ने इस जगह को सील करने के निर्देश दिए हैं।

इसके अलावा, सर्वे पर रोक लगाने के लिए वाराणसी के अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमिटी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। उनकी याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यूपी सरकार और हिंदू पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और मस्जिद में नमाज की इजाजत दी है।

बता दें कि ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर पांच महिलाओं ने याचिका दायर की थी। उनका कहना है कि मस्जिद परिसर में एक तहखाना है, जो श्रृंगार गौरी माता का मंदिर है, इसलिए वहां पूजा का हक मिलना चाहिए।

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