कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि अगर वह राजनीति में नहीं होते, तो शायद वह एयरोस्पेस क्षेत्र में कोई काम या कारोबार कर रहे होते। उन्होंने यह बात केरल के टेक्नॉपार्क में आईटी क्षेत्र के पेशेवरों के साथ बातचीत के दौरान कही।
राहुल गांधी इन दिनों केरल के दो दिन के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने IT प्रोफेशनल्स के साथ संवाद करते हुए कहा कि लोग अक्सर उन्हें सिर्फ एक नेता के रूप में देखते हैं, लेकिन वह मानते हैं कि किसी व्यक्ति को केवल एक पहचान तक सीमित नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर वह किसी राजनीतिक संगठन के लिए काम नहीं कर रहे होते, तो संभव है कि एयरोस्पेस क्षेत्र में कुछ नया करने की कोशिश कर रहे होते।
कांग्रेस सांसद ने बताया कि उन्हें विमानन क्षेत्र में रुचि है, क्योंकि वह खुद एक पायलट हैं और उनके पिता तथा चाचा भी पायलट रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके परिवार में उड़ान और विमानन से जुड़ी एक परंपरा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हर व्यक्ति को नई चीजों के बारे में जिज्ञासु होना चाहिए और खुले दिमाग से सोचना चाहिए। उनका मानना है कि जब हम अलग-अलग चीजों को समझने की कोशिश करते हैं, तभी हम उन्हें आपस में जोड़कर नई संभावनाएं खोज पाते हैं।
राहुल गांधी ने इस दौरान चीन को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि चीन ने दुनिया में एक मजबूत औद्योगिक उत्पादन प्रणाली खड़ी की है, जो काफी प्रभावशाली है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि वहां की व्यवस्था दबावपूर्ण है और वहां लोकतंत्र नहीं है, जो उन्हें पसंद नहीं है।
गांधी के मुताबिक चीन ने औद्योगिक उत्पादन के क्षेत्र में बड़ी बढ़त बना ली है, जबकि भारत, अमेरिका और दुनिया के कई अन्य देश ज्यादातर उपभोग आधारित अर्थव्यवस्था पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि असली रोजगार औद्योगिक उत्पादन के क्षेत्र में पैदा होते हैं। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि भारत को लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखते हुए मजबूत औद्योगिक उत्पादन व्यवस्था विकसित करनी चाहिए। उनका मानना है कि अगर भारत ऐसा कर पाता है, तो इससे न केवल देश बल्कि पूरी दुनिया के लोगों को फायदा होगा।
‘हमने इंसानियत के नजरिए से देखा’, ईरानी जहाज के कोच्चि में डॉक करने पर बोले
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट और ईरानी जहाज के कोच्चि में डॉक करने पर भारत का पक्ष रखा। उन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा कि भारत ने युवा कैडेट्स को ले जा रहे ईरानी नेवी के जहाज़ IRIS Lavan को मानवीय आधार पर कोच्चि में डॉक करने की इजाज़त दी गई, क्योंकि उसे समस्याएं हो रही थीं। उन्होंने कहा कि जहाज के डॉक करने और उसके जाने के समय के हालात बिल्कुल अलग थे। पढ़ें पूरी खबर।
