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अमेरिका-ईरान साथ हो सकते हैं तो भारत-पाक क्यों नहीं : महबूबा

जम्‍मू कश्‍मीर की मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को कहा कि यदि ईरान और अमेरिका दोस्‍त बन सकते हैं तो भारत और पाकिस्‍तान क्‍यों नहीं।

Author जम्मू | April 24, 2016 05:01 am
जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती। (पीटीआई फाइल फोटो)

 

जम्मू भारत और पाक के बीच सुलह की वकालत करते हुए जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि भारत और पाक को भी अमेरिका और इरान की तरह वैमनस्य को मिटा कर संबंधों नया दौर शुरू करना चाहिए। महबूबा ने कहा, ‘यदि अमेरिका और इरान हाथ मिला सकते हैं तो भारत और पाकिस्तान एकसाथ क्यों नहीं आ सकते।ऐसा होने पर क्षेत्र में शांति व समृद्धि का नया दौर शुरू हो सकेगा। महबूबा ने पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की भारत और पाकिस्तान को शांति और सुलह के लिए मजबूत संदेश देने की परंपरा को लागू करने की बात कही। उन्होंने अमेरिका और इरान का उदाहरण दिया।

उन्होंने कहा कि दोनों देश परस्पर कट्टर शत्रु थे। हाल में दोनों देशों ने अपने आपसी वैमनस्य को समाप्त करते हुए संबंधों का नया दौर शुरू किया। सुचेतगढ़ को जम्मू कश्मीर का वाघा बनाने के अपने पिता के सपने को साकार करने के लिए उन्होंने कहा कि यदि इस सीमाई कस्बे को अंतरराष्ट्रीय सीमा के सियालकोट के लोगों के साथ मेलजोल का बिंदु बनाया जाए तो उन्हें खुश होगी।

उन्होंने मीडिया से कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच सांस्कृतिक संबंध को उजागर करे। उन्होंने कहा कि दोनों पड़ोसियों के बीच वैमनस्यता यदि खबर बन सकती है तो सांस्कृतिक नजदीकियां क्यों नहीं। उन्होंने यह बात सुचेतगढ़ के सीमाई क्षेत्रों और बाबा चमलियाल की दरगाह का दौरा करने के बारे में कहीं। इस दरगाह के प्रति दोनों तरफ के लोग श्रद्धा का भाव रखते हैं।

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