देश की सबसे बड़ी निजी बीमा कंपनियों में से एक ICICI लोम्बार्ड अब E20 फ्यूल के कारण ग्राहकों के कार में होने वाली खराबी का क्लेम नहीं पास करेगी। कंपनी इन नुकसान के दावों को अस्वीकार कर सकती है।
9 जून को अपने एक ब्लॉग पोस्ट में आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने कहा कि अपनी गाड़ियों के लिए सही फ्यूल का उपयोग न करना, गलत इस्तेमाल या लापरवाही माना जा सकता है। बीमाकर्ता इन दावों की समीक्षा कर सकते हैं और क्लेम को रिजेक्ट किया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर लोग फ्यूल को लेकर चिंतित
ICICI लोम्बार्ड का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कई कार मालिकों ने सोशल मीडिया पर E20 फ्यूल के कारण पुरानी कारों और पुरानी बाइकों में आ रही समस्याओं के बारे में चिंता जाहिर की। भारतीय ऑटो इंडस्ट्री ने अप्रैल 2023 से E20 कम्पैटिबल गाड़ियां बेंचनी शुरू की, इससे पहले की कारों या अन्य गाड़ियों में इस फ्यूल के कारण जंग लगने जैसे समस्याएं आ रही हैं।
क्लेम के समय विवाद बढ़ने की संभावना- ICICI लोम्बार्ड
ICICI लोम्बार्ड ने कहा कि सोचने की बात यह है कि समय के साथ E20 फ्यूल के कारण 2023 के पहले की कारों के पार्ट्स पर क्या असर पड़ सकता है। प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनी ने चेताते हुए कहा, “इथेनॉल में चीजों को गलाने या खराब करने का गुण होता है। जो गाड़िया इस फ्यूल के कंम्पैटिबल नहीं हैं, उनमें यह रबर सील को खराब कर सकता है, फ्यूल लाइनों को भी नुकसान पहुंचा सकता है और धीरे-धीरे इंजन के पार्ट्स को घिसा सकता है। हो सकता है कि नुकसान फौरन न दिखे, यह धीरे-धीरे होता है, जिसके इसका पता लगाना मुश्किल हो जाता है और क्लेम के समय इस पर विवाद होने की संभावना बढ़ जाती है।”
सरकार ने किया था स्पष्ट
हालांकि केंद्र सरकार ने पिछले साल स्पष्ट किया था कि E20 फ्यूल का इस्तेमाल करने से इंश्योरेंस पॉलिसी रद्द नहीं होती, लेकिन ICICI लोम्बार्ड ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि E20 से जुड़े हर डैमेज क्लेम को पास किया जाएगा।
‘फ्यूल से होने वाले जंग के लिए कवरेज नहीं’
कंपनी ने कहा, “आमतौर पर स्टैंडर्ड पॉलिसी में कॉन्सिक्वेशियल डैमेज शामिल नहीं होता है। यह ऐसा नुकसान है, जो किसी एक घटना के बजाय समय के साथ धीरे-धीरे होता है।” आगे कहा गया है कि भले ही इंजन प्रोटेक्शन ऐड-ऑन कुछ कवरेज देते हों, लेकिन अधिकतर ऐड-ऑन पानी घुसने या तेल के रिसाव के लिए बनाए गए हैं, न कि फ्यूल से होने वाले केमिकल कोरोजन (जंग) के लिए।
ICICI लोम्बार्ड ने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर आपकी कार E20-कम्पैटिबल नहीं है और कोई नुकसान होता है, तो मैन्युफैक्चरर क्लेम को रिजेक्ट कर सकता है। बेहतर होगा कि आप अपना मैनुअल देख लें या डीलर से पुष्टि कर लें।”
यह भी पढ़ें: Explained: एथेनॉल मिक्स पेट्रोल को लेकर क्या विवाद है, सरकार इस पर तेजी से क्यों आगे बढ़ रही है?
कार और बाइक चलाने वाले लोगों से अगर आप उनके वाहन को लेकर बात करेंगे तो वे E20, E30 या फिर E85 फ्यूल को लेकर केंद्र सरकार को कोसते दिखाई देते हैं। E20, E30 और E85 फ्यूल को लेकर उनकी अपनी चिंताएं हैं और उनका कहना है कि केंद्र सरकार को उनकी चिंताओं को हल करना चाहिए। एथेनॉल मिक्स पेट्रोल को लेकर लोगों की चिंता क्या है, सरकार का इसे लेकर क्या कहना है, ऐसे ही बहुत सारे सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
