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रिपोर्ट: वायुसेना ने 1.7 करोड़ रुपए के बम से किया जैश के ठिकाने को तबाह, 6,300 करोड़ की संपत्ति थी दाव पर

Indian Air Force Aerial Strike: वायुसेना ने ऑपरेशन के लिए लगभग 6,300 करोड़ रुपये की सैन्य संपत्ति की तैनाती की थी, जिसमें 3,686 करोड़ रुपये की संपत्ति को आपात परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया था।

Indian Air Force Aerial Strike: भारतीय वायुसेना। (Photo: PTI)

Indian Air Force Aerial Strike: भारतीय वायुसेना ने मंगलवार की सुबह पाकिस्तान के बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े आतंकी शिविर पर हमला कर उसे ध्वस्त कर दिया। इस हमले में करीब 350 आतंकी व उनके प्रशिक्षकों के मारे जाने की खबर है। हमले को अंजाम देने के लिए वायुसेना ने करीब 1.7 करोड़ रुपये कीमत के लेजर-गाइडेड बम का इस्तेमाल किया। जैश के प्रमुख ठिकाने को तबाह करने के बाद यह बात सामने आयी कि इस ऑपरेशन को अंजाम देने पहुंची वायुसेना की 6300 करोड़ की संपत्ति दाव पर लगी थी। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, वायुसेना ने बालाकोट के समीप पहाड़ियों पर घने जंगलों के बीच बने कैंप और मुजफ्फराबाद तथा चकोटी स्थित छोटे कैंपों को ध्वस्त करने के लिए 1000 किलोग्राम के बम का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्येक बम की कीमत करीब 56 लाख रुपये है।

वायुसेना ने ऑपरेशन के लिए लगभग 6,300 करोड़ रुपये की सैन्य संपत्ति की तैनाती की थी, जिसमें 3,686 करोड़ रुपये की संपत्ति को आपात परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया था। ऑपरेशन के दौरान एक एयरबॉर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम सर्विलांस एयरक्राफ्ट को पाकिस्तान के एयरस्पेस पर नजर बनाए रखने के लिए 36 डिग्री पर तैनात किया गया गया था। इसकी कीमत 1750 करोड़ रुपये है। साथ ही इस मिशन में 22 करोड़ मूल्य के इल्यूशन मिड-एयर रिफिलिंग टैंकर तथा 80 करोड़ मूल्य के वायुसेना के हेरोन सर्विलांस ड्रोन का भी प्रयोग किया गया। यद्यपि, रूस निर्मित 3 सुखोई Su-30MKI विमान (प्रत्येक की कीमत 358 करोड़) 21 मिनट तक चले इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सीमा में तैनात थे। 5 मिग 29एस (प्रत्येक की कीमत 154 करोड़) को भी अलर्ट पर रखा गया था।

रिपोर्ट के अनुसार, 12 मिराज 2000 विमान (प्रत्येक की कीमत 214 करोड़ रुपये) ने इस मिशन में हिस्सा लिया। इन विमानों ने ग्वालियर एयरबेस से 225 किलोग्राम GBU-12 पारंपरिक लेजर गाइडेड बम के साथ उड़ान भरी थी। सभी GBU-12 पेववे II (गाइडेड बम यूनिट) को अमेरिका ने वर्ष 1976 में पेश किया था, जो 225 किलोग्राम वजन को ढो सकते हैं। इनकी कीमत करीब 14 लाख है। इसके साथ ही मिराज मिसाइल में भी किसी भी तरह की विपरित परिस्थिति से निपटने के लिए लड़ाकू मिसाइल लगे थे।

मंगलवार की सुबह 3:30 बजे भारतीय वायुसेना ने एलओसी के पार पाकिस्तान स्थित आतंकी कैंपों को तबाह करने के लिए 21 मिनट तक ऑपरेशन जारी रखा। जैसे ही उन्हें ग्रीन कमांड मिला, पॉयलट ने टारगेट को निशाना बना उसे तबाह कर दिया। वायुसेना द्वारा इस घटना पुलवामा आतंकी हमले के 12 दिन बाद अंजाम दिया गया है। उस हमले में करीब 40 जवान शहीद हो गए थे।

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