बगावत करने वाली दलित सांसद बोलीं- बीजेपी को हराने के लिए दूंगी महागठबंधन का साथ

छह दिसंबर को फुले ने बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, उन्होंने संसद की सदस्यता नहीं छोड़ी। शनिवार (29 दिसंबर) को वह यूपी की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) मुखिया अखिलेश यादव से मिली थीं।

Savitri Bai Phule, Dalit MP, BJP, Defeat, Support, Grand Alliance, SP, Akhilesh Yadav, SP, Meet, Lucknow, UP, State News, National News, Hindi Newsबहराइच से दलित सांसद सावित्री बाई फुले बीजेपी की प्राथमिक सदस्या छोड़ चुकी हैं। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में बगावत करने वाली दलित सांसद सावित्री बाई फुले ने कहा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए वह कुछ भी करेंगी। वह महागठबंधन का साथ देने को राजी हैं। आगे किसी राजनीतिक दल में शामिल होने को लेकर आ रही खबरों पर उन्होंने मीडिया से कहा, “मैं किसी राजनीतिक संगठन से जुड़ने की खबरें पूरी तरह से भ्रामक हैं। ये कुछ शरारती तत्व द्वारा फैलाई जा रही हैं। कुछ मीडिया वाले भी इन खबरों को दिखा रहे हैं, पर मैं इन सबके खिलाफ उचित कार्रवाई करूंगी। मैं संबंधित फोरम में इस बाबत शिकायत दूंगी।”

बता दें कि बीते छह दिसंबर को फुले ने बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, उन्होंने संसद की सदस्यता नहीं छोड़ी। शनिवार (29 दिसंबर) को वह यूपी की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) मुखिया अखिलेश यादव से मिलीं। न्यूज 18 को इस बारे में उन्होंने बताया, “महागठबंधन को लेकर काफी पहले चर्चा चली थी, पर मैं सपा से नहीं जुड़ूंगी।”

बकौल दलित सांसद, “अखिलेश के साथ हुई भेंट में मैंने सपा प्रमुख को बीजेपी के अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग विरोधी निर्णयों के बारे में बताया। संसद के बाहर संविधान की प्रतियां जलीं, पर कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया।”

आगे उन्होंने साफ किया, “मैं किसी भी राजनीतिक दल का हिस्सा नहीं बनूंगी। चूंकि बीजेपी अनुसूचित जाति, जनजाति और अल्पसंख्यकों के खिलाफ काम कर रही है। ऐसे में वह उसे हराने के लिए वह महागठबंधन का समर्थन करेंगी।” इससे पहले, बहराइच से सांसद बोली थीं, “मैं जब तक जिंदा हूं, तब तक बीजेपी में वापस नहीं जाऊंगी। दलित होने के कारण पार्टी में मेरी कभी भी नहीं सुनी गई।”

फुले ने आगे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को लेकर कहा- योगी का दलित प्रेम महज दिखावा है। अगर वह दलितों से प्रेम करते हैं तो सीएम उन्हें गले लगाकर दिखाएं। वह उनका सम्मान क्यों नहीं करते?

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