Malviya Nagar Fire: दिल्ली में मालवीय नगर के हौज रानी इलाके के होटल फ्लोरिश स्टे बी एंड बी में लगी आग में 21 लोगों की मौत हो गई है। इन्हीं में से एक चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल भी हैं, जिनके परिवार के सात लोगों की इस हादसे में मौत हो गई। विष्णु कांत गर्ग ने गुस्से से बोलते हुए कहा, “हर कोई भ्रष्ट है, इसीलिए मैंने अपने परिवार के ज्यादातर लोगों को खो दिया है।”

राधे श्याम अग्रवाल कई दिनों से साकेत स्थित मैक्स अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थे। इसके बाद विवेक अग्रवाल दिल्ली आए थे। विवेक ने फ्लोरिश स्टेज में कमरे किराये पर लिए थे। इस आग में विवेक, उनकी मां प्रेमलता, उनकी पत्नी तरजानी और उनकी दो छोटी बेटियां जीविका और वारिया की जान चली गई। होटल में विवेक के मामा अशोक गोयल और उनकी मां की बहन कमला और उनके पति जिमरी भी ठहरे हुए थे। इनकी भी इस आग में मौत हो गई।

पीएम और दिल्ली सरकार को विवेक के चाचा ने दी चुनौती

प्रशासन की लापरवाही से गुस्से में भरे विष्णु ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “मैं 20 लाख रुपये दूंगा। मैं प्रधानमंत्री और दिल्ली सरकार को चुनौती देता हूं। वहां बुलडोजर चलाकर सभी अवैध इमारतों को गिरा दें। ताकि किसी और की जान न जाए। मेरे भतीजे को कौन वापस लाएगा?”

गुड़गांव के सेक्टर 46 में विवेक के बड़े से दो-मंजिला घर के बाहर, रिश्तेदार ग्राउंड फ्लोर और बाहर के इलाके में शोक जताने के लिए जमा हुए। परिवार ने बताया कि विवेक, जिनकी उम्र 40 साल के आस-पास थी, एक चार्टर्ड अकाउंटेंट थे और इंश्योरेंस देखो में डिप्टी सीएफओ के पद पर काम करते थे। वे 2019 में अपने परिवार के साथ गुड़गांव आकर बस गए थे।

विवेक ने घर अपनी खुद की कमाई से बनाया था- विवेक

विवेक के चचेरे भाई विजय ने बताया, “विवेक ने यह घर अपनी खुद की कमाई से बनवाया था। परिवार पहली मंजिल पर रहता था और बाकी हिस्सा किराए पर दे रखा था।” दिल्ली के कोटला में काम करने वाले सेल्स एग्जीक्यूटिव विजय ने ही आग लगने के समय विवेक से आखिरी बार बात की थी। वह तुरंत अस्पताल पहुंचे।

विजय ने आगे बताया कि उन्होंने और विवेक ने राजस्थान में साथ-साथ पढ़ाई की थी। उन्होंने कहा, “हम लगभग भाई जैसे थे।” कश्मीर में टैक्स मामलों की वकालत करने वाले विष्णु दिल्ली के लिए रवाना हुए और दोपहर बाद पहुंचे। उन्होंने कहा, “श्याम की तबीयत ठीक नहीं थी। मैंने एक हफ्ते पहले विवेक से बात की थी। अब मैंने उन्हें खो दिया है।”

पड़ोसी ने क्या बताया?

पड़ोसी रविंदर खत्री ने बताया कि उनके परिवार आपस में बहुत करीब थे। उन्होंने कहा, “जो कुछ हुआ वह बहुत दुखद है। विवेक एक होशियार लड़का था, मैं उसे हर सुबह अपने मोहल्ले में 5-6 किलोमीटर साइकिल चलाते देखता था। श्याम को फेफड़ों की कुछ समस्या थी, लेकिन मैंने उससे करीब एक हफ्ते पहले पार्क में बात की थी। वे बहुत थे।”

विवेक के सहकर्मी ने कहा, “हमारी कंपनी लोगों के लिए (अन्य चीजों के अलावा) फायर इंश्योरेंस की व्यवस्था करती है और अब।” रिश्तेदारों ने बताया कि विवेक की पत्नी एक इवेंट प्लानर थीं, जबकि उनकी बेटी बेंगलुरु में पढ़ाई कर रही थी। श्याम अग्रवाल आईसीयू में भर्ती हैं और इस भयानक क्षति से अनजान हैं। रविंदर ने कहा, “अब जब वो जागेंगे तो उन्हें क्या पता चलेगा?”

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मालवीय नगर के होटल में लगी भीषण आग में 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। एक बार फिर इस घटना ने राजधानी दिल्ली के लचर नागरिक प्रशासन और सुरक्षा इंतजामों की पोल एक बार फिर खोल दी है। दक्षिण दिल्ली के हौज रानी (मालवीय नगर) इलाके में स्थित ‘फ्लरिश स्टे बीएंडबी’ (Flourish Stay B&B) होटल में बुधवार, 3 जून 2026 की सुबह लगी इस भीषण आग ने 21 जिंदगियां निगल लीं। मरने वालों में 18 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं जो दिल्ली के बड़े अस्पतालों में इलाज कराने आए थे। इस हृदयविदारक हादसे ने पूरी राष्ट्रीय राजधानी को झकझोर कर रख दिया है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…