Tamil Nadu News: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने सोमवार को विधानसभा में डीएमके पर तीखा हमला बोलते हुए भ्रष्टाचार, शराब से संबंधित अनियमितताओं, कानून व्यवस्था और आपराधिक मामलों के संचालन को लेकर जमकर निशाना साधा।

मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने कहा, “किसी राज्य की प्रगति केवल सड़कें बनाने या उद्योग स्थापित करने से तय नहीं होती। असली प्रगति इसमें है कि उस राज्य में रहने वाला हर नागरिक कितनी सुरक्षित और निडर होकर अपना जीवन जीता है।” उन्होंने कहा, “अगर कानून-व्यवस्था अच्छी तरह बनी रहे, तो औद्योगिक निवेश आएगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और महिलाएं व युवा शिक्षा और रोजगार में खुलकर हिस्सा ले सकेंगे।”

सीएम विजय ने कहा, “पुलिस बल के बारे में मैं इस सदन में एक अहम बात रखना चाहता हूं, पुलिस को कानून का सम्मान करने वालों के लिए एक करीबी दोस्त की तरह काम करना चाहिए, जबकि कानून तोड़ने वालों और दूसरों के अधिकारों का उल्लंघन करने वालों के लिए एक मजबूत दुश्मन की तरह पेश आना चाहिए। एक पुलिस अधिकारी में ये दोनों गुण होने चाहिए।”

कानून के समक्ष सभी बराबर- सीएम विजय

तमिलनाडु विधानसभा सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने कहा, “दोषी चाहे कोई भी हो, चाहे वह किसी भी पार्टी का हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, हमारा मानना ​​है कि कानून के समक्ष सभी समान हैं।”

मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनकी राजनीतिक जीत के पीछे महिलाएं मुख्य कारण थीं और उन्होंने चेतावनी दी कि वह महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक या मानहानिकारक टिप्पणियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। सीएम ने कहा, “मेरी राजनीतिक जीत के पीछे महिलाएं ही मुख्य कारण हैं। मैं महिलाओं के खिलाफ किसी भी तरह की अपमानजनक भाषा बर्दाश्त नहीं करूंगा। कड़ी राजनीतिक आलोचना हो सकती है, लेकिन महिलाओं के खिलाफ कोई भी मानहानिकारक टिप्पणी नहीं होनी चाहिए।”

सीएम विजय ने सरकारिया आयोग की रिपोर्ट पढ़ी

जोसेफ विजय ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय ने डीएमके पर पार्टी फंड के माध्यम से भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। विजय ने कहा, “डीएमके ने मुझे तीन विभागीय फाइलें खोलने की चुनौती दी है, जिनके बारे में मैंने कहा था कि वे पिछली डीएमके सरकार के दौरान भ्रष्ट थीं। उन्हें खोलने से पहले, मैं 1988 में डीएमके सरकार के भ्रष्टाचार पर सरकारिया आयोग की रिपोर्ट पढ़ना चाहता हूं। सरकारिया आयोग ने अपनी रिपोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि पर मुख्यमंत्री के रूप में अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। प्रवर्तन निदेशालय ने भी डीएमके पर पार्टी फंड के माध्यम से भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। ईडी ने जिक्र किया है कि पिछली सरकार के दौरान, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन और मंत्री सेंथिल बालाजी ने पार्टी फंड के नाम पर पैसा इकट्ठा किया था।”

सीएम विजय ने कहा, “पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी और उनके साथियों ने प्रत्येक TASMAC दुकान से 10 रुपये से लेकर 100 रुपये तक की रकम वसूली। उन्हें ‘करूर गिरोह’ के नाम से जाना जाता था और उन्होंने संगठित तरीके से यह भ्रष्टाचार किया। जहां डीएमके है, वहां कुकर्म जरूर होगा। जहां डीएमके मौजूद है, वहां कुकर्म होता ही है।”

विजय ने विधानसभा में कहा, “डीएमके के एक नेता ने कहा कि जो लोग उन्हें वोट नहीं देते, उन्हें मर जाना चाहिए। वही लोग पिछले 50 सालों से उन्हें वोट देते आ रहे हैं। मेरा सवाल है, ऐसी मानसिकता के साथ डीएमके को राजनीतिक दल क्यों बने रहना चाहिए?”

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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके ने चुनाव के बाद अपने सहयोगियों को 9 सितंबर को एक बैठक के लिए बुलाया है। इस बैठक में उनके गठबंधन को औपचारिक रूप देने पर चर्चा होगी। वहीं, टीवीके की ओर से कांग्रेस को एक और प्रस्ताव मिल रहा है कि मुख्यमंत्री जोसेफ विजय को भविष्य में पीएम पद के संभावित उम्मीदवार के तौर पर देखें। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…