आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा के डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया है। इस पर राघव चड्ढा का पहला रिएक्शन आया है। उन्होंने कहा है कि “खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं”। राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

गुरुवार को राघव चड्ढा ने अपने ही राज्यसभा के कई सारे वीडियो साझा कर भी एक संकेत देने की कोशिश की थी। अब उसी कड़ी में उन्होंने एक और बयान दिया है। राघव ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को कहा है कि राघव चड्ढा को बोलने नहीं दिया जाए। आखिर मैंने क्या गलती कर दी है। मैं हमेशा से ही जनता के मुद्दे उठाते रहा हूं। क्या जनता के मुद्दे उठाना भी अपराध माना जाएगा।

राघव चड्ढा ने क्या बोला?

इसके बाद राघव ने बकायदा उन मुद्दों का जिक्र किया जो उन्होंने राज्यसभा में उठाए। उन्होंने आखिर में एक शायरी के जरिए भी संदेश देने का काम किया। राघव ने कहा कि मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बन जाता है।

खबरों के अनुसार राघव को लेकर आम आदमी पार्टी प्रमुख घटनाक्रमों पर उनकी चुप्पी और बैठकों में नियमित रूप से अनुपस्थित रहने से निराश थी। राघव चड्ढा को 2023 में डिप्टी लीडर नियुक्त किया गया था। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी ने न केवल उनका पद रद्द किया है, बल्कि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय से उन्हें बोलने का समय न देने का भी अनुरोध किया है।

बीजेपी ने क्या बोला?

बीजेपी ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेतृत्व का यह अधिकार है कि वह अपने संसदीय दल का नेता नियुक्त करे, लेकिन जिस तरह सांसद राघव चड्ढा को न केवल राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाया गया है, बल्कि पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय से यह भी अनुरोध किया है कि उन्हें सदन में बोलने का समय न दिया जाए, उससे स्पष्ट है कि राघव चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल के अराजक और भ्रष्ट नेतृत्व से दूरी बना ली है।

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