शुक्रवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने तमिलनाडु के नेता के. अन्नामलाई का इस्तीफा मंजूर कर लिया। अन्नामलाई छह साल बीजेपी में रहे। बीजेपी द्वारा इस्तीफा द्वारा किए जाने के बाद शुक्रवार दोपहर सोशल मीडिया के जरिए उन्होंने कहा कि बीते 18 महीनों से उनके बीजेपी नेतृत्व से मतभेद चल रहे थे।

इससे पहले अन्नामलाई ने बीजेपी आलाकमान को लिखे पत्र में कहा, “राष्ट्रीय दल कभी उस भाषा और भावना को नहीं समझ पाए जिसे तमिलनाडु समझता है। मैंने इस धारणा को बदलने का प्रयास किया है और भीतर तथा बाहर से अनेक बाधाओं, अवरोधों और रुकावटों के बावजूद कुछ हद तक सफलता भी प्राप्त की है।”

नितिन नवीन को लिखे पत्र में अन्नामलाई ने कहा, “…मैं शीर्ष नेतृत्व के साथ कई बार हुई चर्चा और पिछले 18 महीनों में व्यक्त किए गए अपने मतभेदों का उल्लेख करना चाहूंगा। तमिलनाडु में विकास और सांस्कृतिक जड़ें रखने वाली राजनीति के आगे के मार्ग को लेकर अपने विचारों से मैं शीर्ष नेतृत्व पर और बोझ नहीं डालना चाहता। वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई चर्चाओं के बाद मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि तमिलनाडु के संबंध में हमारे विचार एक-दूसरे से मेल नहीं खाते।”

जानिए अन्नामलाई के पत्र की बड़ी बातें

1) अन्नामलाई ने लिखा कि बहुत कम उम्र और अनुभव के बावजूद उन पर विश्वास जताकर महत्वपूर्ण संगठनात्मक और नेतृत्व संबंधी जिम्मेदारियां सौंपने के लिए वे बीजेपी नेतृत्व के आभारी हैं।

2) उन्होंने लिखा, “एक ऐसे राष्ट्रवादी के रूप में जिसकी जड़ें क्षेत्रीय आकांक्षाओं में गहराई से जुड़ी हैं, मुझे अपने क्षेत्र की समृद्ध विरासत, संस्कृति की विविधता और अद्वितीय पहचान पर अत्यंत गर्व है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि एक सशक्त और एकजुट भारत अपनी अनेक क्षेत्रों और समुदायों की शक्ति, गरिमा और आकांक्षाओं पर ही निर्मित होता है।”

3) उन्होंने अपने पत्र के अंत में लिखा, “काफी विचार-विमर्श के बाद मेरा मानना है कि अब समय आ गया है कि मैं पार्टी से अलग हो जाऊं, राजनीति में आने के अपने वास्तविक उद्देश्य पर फिर से विचार करूं और भविष्य की दिशा में जहां परिस्थितियां मुझे ले जाएं, वहां आगे बढ़ूं।”

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तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और नेता के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा देने के बाद अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा संकेत दिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।