Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश की 18 साल की आकांक्षा चतुर्वेदी नागपुर के कोचिंग सेंटर में मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी कर रही थी। उसने आत्महत्या करने से पहले 20 मई को अपने माता-पिता के नाम लिखे एक नोट में लिखा, “अब मुझमें दोबारा नीट परीक्षा देने की हिम्मत नहीं बची है।”
दो हफ्ते से ज्यादा समय बीत जाने के बाद, जब उसके दुखी रिश्तेदार उसके कमरे में उसका सामान समेट रहे थे, तो उन्हें एक हाथ से लिखा हुआ नोट मिला, जो जिंदगी भर उन्हें परेशान करता रहेगा।
मुझे माफ कर देना मम्मी-पापा
आकांक्षा चतुर्वेदी ने नोट में लिखा, “मम्मी और पापा, आपको भरोसा था कि आपकी बेटी खूब पढ़ाई करेगी और डॉक्टर बनेगी, लेकिन अब मुझमें दोबारा NEET परीक्षा देने की हिम्मत नहीं बची है।” उसने आगे लिखा, “अगर मैंने पहली बार में ही अच्छे नंबर ले लिए होते, तो अब इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि मैं दोबारा अच्छा कर पाऊंगी। मुझे माफ कर देना, मम्मी और पापा। मैंने सब कुछ बर्बाद कर दिया है।”
3 मई को कुल 22 लाख छात्रों ने नीट-यूजी परीक्षा दी थी, इस उम्मीद के साथ कि वे देश भर के मेडिकल कॉलेजों में सीट पाने के लिए क्वालिफाई कर लेंगे। बाद में पेपर लीक होने की वजह से यह परीक्षा रद्द कर दी गई और अब 21 जून को दोबारा परीक्षा होनी है। आकांक्षा के पिता, कृष्ण कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि परीक्षा रद्द होने के बाद उसके व्यवहार में बहुत बड़ा बदलाव आ गया था।
वह पूरी तरह से टूट गई थी- कृष्ण कुमार
कृष्ण कुमार ने कहा, “परीक्षा देने के बाद उसने मुझे फोन किया था। वह अपने प्रदर्शन से बहुत खुश थी। लेकिन जैसे ही पेपर लीक होने और परीक्षा रद्द होने की खबर आई, वह पूरी तरह टूट गई। उसे लगा कि उसकी सारी मेहनत बेकार चली गई।” चतुर्वेदी ने बताया कि आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने आकांक्षा की पढ़ाई-लिखाई पर काफी पैसा खर्च किया था।
दुखी पिता ने कहा, “मेरी बेटी एक होनहार छात्रा थी और हमेशा डॉक्टर बनना चाहती थी। हमने उसकी पढ़ाई के लिए 3 लाख रुपये का लोन लिया था। परीक्षा के बाद उसे पूरा भरोसा था कि उसका चयन हो जाएगा।” आकांक्षा के चाचा, दद्दी प्रसाद चतुर्वेदी ने बताया कि परीक्षा रद्द होने के बाद उसने परिवार के लोगों से मिलना-जुलना बंद कर दिया था।
उन्होंने कहा, “उसने ठीक से खाना-पीना भी छोड़ दिया था। उसने लोगों से बात करना भी बंद कर दिया था। उसे पक्का यकीन हो गया था कि अगर वह इस बार परीक्षा पास नहीं कर पाई, तो परिवार अगली बार की पढ़ाई का खर्च नहीं उठा पाएगा।” रिश्तेदारों के मुताबिक, आकांक्षा कई सालों से नीट की तैयारी कर रही थी। परिवार ने बताया कि उसकी कोचिंग और पढ़ाई के दूसरे खर्चों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के ज़रिए लोन लिया गया था और रिश्तेदारों से भी पैसे उधार लिए गए थे।
दद्दी प्रसाद ने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति आकांक्षा के लिए चिंता का विषय थी। उन्होंने कहा, “वह अपने पिता की हालत समझती थी। उन्हें कई बार दिल का दौरा पड़ चुका है और उनके इलाज पर बहुत ज्यादा पैसे खर्च हुए हैं। वह जानती थी कि परिवार पर कितना दबाव है।”
रिश्तेदारों के अनुसार, 20 मई को आकांक्षा घर पर अकेली थी और परिवार के बाकी लोग काम पर गए हुए थे। जब वे लौटे, तो उन्होंने उसे मृत पाया। उसका अंतिम संस्कार उसके गृह नगर मध्य प्रदेश के मऊगंज में किया गया।
आकांक्षा के पिता की शिकायत के बाद, नागपुर के अंबाझरी पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया। कृष्ण कुमार चतुर्वेदी ने पुलिस को बताया कि नीट परीक्षा रद्द होने के बाद उनकी बेटी परेशान थी। पुलिस ने बताया कि उन्हें घटनास्थल पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल ने केंद्र पर साधा निशाना
सोशल मीडिया पर आकांक्षा की आत्महत्या से जुड़ी खबरें सामने आने के बाद, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “आकांक्षा डॉक्टर बनना चाहती थी और समाज की सेवा करना चाहती थी। उसके पिता किसान हैं। उन्होंने अपनी तरफ से हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन फिर नीट का पेपर लीक हो गया, परीक्षा रद्द हो गई और इसी अनिश्चितता के बीच आकांक्षा हमें छोड़कर चली गई।”
उन्होंने कहा कि आकांक्षा की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि एक ढह चुकी व्यवस्था का नतीजा है। प्रधान पर निशाना साधते हुए गांधी ने कहा कि वे अभी भी अपने पद पर बने हुए हैं और न तो कोई सुधार हुआ है, न ही कोई न्याय, बस केवल जांच चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी कुर्सी हमेशा के लिए नहीं होती और साथ ही यह भी जोड़ा कि शिक्षा व्यवस्था की बर्बादी की कीमत पूरी की पूरी एक पीढ़ी चुका रही है।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दोबारा परीक्षा करवाना न्याय नहीं है। उन्होंने एक्स पर सवाल करते हुए कहा, “इतने सारे बच्चों ने आत्महत्या कर ली है। उन्हें न्याय कब मिलेगा।”
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सुप्रीम कोर्ट ने NEET UG परीक्षा से जुड़ी एक याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। इस याचिका में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) 2026 को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में आयोजित कराने की मांग की गई थी। नीट एग्जाम पेपर लीक होने के बाद यह परीक्षा अब 21 जून को दोबारा निर्धारित की गई है। पहले नीट यूजी परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी जिसमें 20 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था लेकिन पेपर लीक के बाद इसे रद्द कर दिया गया। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
