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हैदराबाद कांड में नरपिशाचों को उनके पाप की सजा मिल गई, दुष्टों के साथ यही होना चाहिए: शिवराज चौहान

Shivraj Singh Chouhan on Hyderabad Encounter: शिवराज चौहान ने कहा, ‘‘जो दूसरों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, उनके साथ भी वैसा ही व्यवहार किया जाना चाहिए। मुझे खुशी है कि न्याय जल्दी मिल गया।’’

Author दिल्ली | Updated: December 6, 2019 6:31 PM
एनकाउंटर वाली जगह मौजूद हैदराबाद पुलिस फोटो- एएनआई

Shivraj Singh Chouhan on Hyderabad Encounter: हैदराबाद कांड में गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों के शुक्रवार (6 दिसंबर) सुबह पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे जाने का भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुशी जताई है। चौहान ने अपने मुख्यमंत्री काल में ऐसे जघन्य अपराधों के लिए एमपी में फांसी की सजा का प्रावधान किया था। शिवराज चौहान ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘हैदराबाद में नरपिशाचों को उनके पाप की सजा मिली। पूरे देश को बड़ा सुकून मिला। दुष्टों के साथ यही व्यवहार होना चाहिए।’’

क्या बोले पूर्व सीएम: शिवराज चौहान ने कहा, ‘‘जो दूसरों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, उनके साथ भी वैसा ही व्यवहार किया जाना चाहिए। मुझे खुशी है कि न्याय जल्दी मिल गया।’’ चौहान ने आगे लिखा, ‘‘हमने तो मध्यप्रदेश में ऐसे घृणित कृत्य के लिए फांसी की सजा का प्रावधान किया, लेकिन लोअर कोर्ट, हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और दया याचिका के कारण न्याय विलंबित होता है। जब न्याय विलंबित होता है, तो डर खत्म हो जाता है। इसलिए न्याय तुरंत होना चाहिए।’’

एनकाउंटर पर कांग्रेस का बयान: इस मुद्दे पर मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने बताया, ‘‘मुझे लगता है कि जिस प्रकार से देश में हैदराबाद कांड जैसी प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है और अदालती प्रक्रिया के निर्णय देर से होते हैं, ऐसे में दोषियों के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने से अपराधों पर लगाम लगेगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कुकृत्य करने वाले अपराधियों को मुठभेड़ में मारने पर जिस तरह से देश में इसके पक्ष में प्रतिक्रिया आ रही है और देश के लोगों में खुशी है, इससे बलात्कारियों में भय भी व्याप्त होगा।’’

ऐसी भी प्रतिक्रिया आईं: इस मामले में भोपाल गैस कांड के पीड़ितों के हितों के लिये करीब 35 सालों से काम करने वाले भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ की अध्यक्ष रशीदा बी ने कहा, ‘‘ऐसे लोगों को वैसे ही तड़पा-तड़पा कर मारना चाहिए था जैसे उन्होंने मारा था या अदालत से फांसी दी जानी चाहिए थी। एक सेकेंड में उनकी मौत हो गई। नसीहत वाली सजा मिले, यह संदेश नहीं गया। इसलिए पुलिस ने इन्हें एक सेकेंड में मार कर यह अच्छा नहीं किया।’’

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