कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन के खत्म होने के बमुश्किल एक महीने बाद जंतर-मंतर एक बार फिर गतिरोध का स्थल बन गया है। इस बार यह आंदोलन जाति-आधारित आरक्षण के खिलाफ है।

“आरक्षण हटाओ आंदोलन” के बैनर तले प्रदर्शनकारी शुक्रवार सुबह दिल्ली पहुंचे और प्रदर्शन करने की अनुमति को लेकर दिल्ली पुलिस से भिड़ गए। पुलिस ने उन्हें रामलीला मैदान जाने को कहा, लेकिन समूह ने हटने से इनकार कर दिया।

आयोजकों में से एक अभिषेक अग्निहोत्री ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “हम जंतर-मंतर पर अपना मंच लगा रहे हैं और कहीं नहीं हटेंगे। हम सुबह से यहीं हैं और लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। हम इस जगह को छोड़कर नहीं जाएंगे।”

अभिषेक अग्निहोत्री और हर्ष दुबे ने दावा किया वे एक ‘आरक्षण सुधार आंदोलन’ (Reservation Reform Movement) चला रहे हैं, जो देश में जाति आधारित आरक्षण को समाप्त करने की वकालत करता है।

हालांकि बाद में दिल्ली पुलिस ने अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कर रामलीला मैदान में शाम 4 बजे तक 500 प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति दे दी। लेकिन, प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे जंतर-मंतर से नहीं हटेंगे।

गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों का खंडन किया था। पुलिस ने कहा कि जंतर-मंतर पर किसी को भी विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई है, क्योंकि नई दिल्ली जिले में बीएनएसएस की धारा 163 (पूर्व में सीआरपीसी की धारा 144) के तहत निषेधाज्ञा लागू है।

पुलिस ने नागरिकों को अपुष्ट सामग्री को प्रसारित करने, आगे भेजने या साझा करने से भी मना किया। पुलिस ने यह भी कहा कि फर्जी खबरें बनाने या फैलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है।

हालांकि, शुक्रवार को युवाओं का एक समूह जंतर-मंतर पहुंचा और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। दोपहर में दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान को वैकल्पिक स्थल के रूप में प्रस्तावित किया।

पुलिस उपायुक्त (मध्य) द्वारा अग्निहोत्री और दुबे को लिखे पत्र में कहा गया कि रामलीला मैदान में “आरक्षण हटाओ आंदोलन” आयोजित करने के अनुरोध पर विचार किया गया है और कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से पुलिस को कोई आपत्ति नहीं है। यह अनुमति अधिकतम 500 लोगों के लिए थी।

जंतर मंतर और रामलीला मैदान लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं, लेकिन ये अलग-अलग पुलिस जिलों के अंतर्गत आते हैं। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के दौरान इस समूह ने तब ध्यान आकर्षित किया था, जब इसके सदस्यों ने घोषणा की कि वे जल्द ही देश में आरक्षण को समाप्त करने की मांग को लेकर उसी स्थान पर विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे।

‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ को रामलीला मैदान में प्रोटेस्ट की मिली अनुमति, दिल्ली पुलिस ने लागू की शर्तें

दिल्ली पुलिस ने रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन (Reservation Hatao Andolan) के पदाधिकारियों को शुक्रवार 21 अगस्त को रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी कर दिया गया है। पढ़ें पूरी खबर।