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रोहित वेमुला की मौत की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने से HRD का इनकार, RTI से मांगी गई थी सूचना

पीटीआई ने इस मामले में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आरटीआई के तहत एक आवेदन भेजकर मामले की सूचना मांगी थी जिसके जवाब में मंत्रालय ने लिखा है, "फाइल अभी जमा होने की प्रक्रिया में है। इसलिए रिपोर्ट की कॉपी इस समय उपलब्ध नहीं कराई जा सकती है।"
रोहित वेमुला ने 17 जनवरी को सुसाइड किया था। (फाइल फोटो)

दलित शोध छात्र रोहित वेमुला की मौत मामले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने से केन्द्र सरकार ने इनकार कर दिया है। सूचना का अधिकार के तहत मांगी गई सूचना के जवाब में मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने आवेदक को कहा है कि मामले की रिपोर्ट अभी मंत्रालय में जमा होने की प्रक्रिया में है। लिहाजा, उसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। दरअसल, समाचार एजेंसी पीटीआई ने इस मामले में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आरटीआई के तहत एक आवेदन भेजकर मामले की सूचना मांगी थी जिसके जवाब में मंत्रालय ने लिखा है, “फाइल अभी जमा होने की प्रक्रिया में है। इसलिए रिपोर्ट की कॉपी इस समय उपलब्ध नहीं कराई जा सकती है।” आमतौर पर एक सरकारी विभाग से आरटीआई अधिनियम के तहत प्रावधानों के तहत सूचना की उम्मीद की जाती है लेकिन यहां मंत्रालय ने मना कर दिया।

गौरतलब है कि केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा बनाए गए एक सदस्यीय न्यायिक आयोग की जांच रिपोर्ट के अनुसार हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय (एचसीयू) के रिसर्च स्कॉलर रोहित वेमुला अपनी आत्महत्या के लिए खुद जिम्मेदार थे। इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एके रूपनवाल ने अपनी 41 पन्नों की रिपोर्ट में कहा है कि रोहित वेमुला को यूनिवर्सिटी हॉस्टल से निकाला जाना “सबसे तार्किक” फैसला था जो यूनिवर्सिटी ले सकती थी। रूपनवाल के अनुसार 26 वर्षीय रोहित ने निजी हताशा के कारण आत्महत्या की, न कि भेदभाव किए जाने के चलते। रूपनवाल की रिपोर्ट के अनुसार रोहित की मां ने आरक्षण का लाभ लेने के लिए खुद को दलित बताया।

rohith vemula, vemula, rohit vemula mother, bjp रोहित की मां राधिका ने कहा कि कमीशन का काम उन कारणों का पता करना था जिससे तंग आकर रोहित ने सुसाइड किया लेकिन उन्होंने मुद्दा जाति की तरफ मोड़ दिया। (Source: Express file photo)

वीडियो देखिए: जांच आयोग ने कहा, रोहित खुद जिम्मेदार

रिपोर्ट में कहा गया है कि पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी और केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने केवल अपना दायित्व निभाया और हैदराबाद यूनिवर्सिटी प्रशासन पर कोई दबाव नहीं डाला गया था। रूपनवाल ने अपनी जांच रिपोर्ट अगस्त में जमा कर दी थी। रोहित वेमुला ने 17 जनवरी को आत्महत्या की थी। 28 जनवरी 2016 को मानव संसाधन मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया था। रोहित की आत्महत्या के बाद हैदराबाद विश्वविद्यालय समेत पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुए थे।

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