ताज़ा खबर
 

Zerodha के सह-संस्थापक की प्रेरक कहानीः कभी स्कूल ड्रॉपआउट रहे निखिल कामत आज हैं स्टॉक मार्केट के ‘किंग’, ऐसा रहा है सफर

अपनी कंपनी के जेरोधा नाम के पीछे निखिल कामत का तर्क है कि यह जीरो और रोधा से मिलकर बना है। जीरो मतलब शून्य और रोधा यानि बैरियर।

nikhil kamatजेरोधा के सह संस्थापक निखिल कामत (फोटो सोर्सः इंस्टाग्राम पेज निखिल कामत)

जीरो से आइकॉन बनने का रास्ता हमेशा बेहद चुनौती भरा होता है। किसी भी नए काम की शुरुआत में आने वाली अड़चनें ही तय करती हैं कि मंजिल क्या होगी। कुछ ऐसी ही कहानी है ट्रेड वॉल्यूम के मामले में देश की सबसे बड़ी स्टॉक ब्रोकरेज कंपनी जेरोधा को-फाउंडर निखिल कामथ की। कभी स्कूल से ड्रॉपआउट हुए निखिल आज देश में 40 साल से कम उम्र के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। जेरोधा नाम के पीछे उनका तर्क है कि यह जीरो और रोधा से मिलकर बना है। जीरो मतलब शून्य और रोधा यानि बैरियर।

निखिल बताते हैं कि 2020 ट्रेड के लिए बुरा सपना साबित हुआ, वहीं उनकी फर्म ने कोविड संकट के दौरान 20 लाख नए क्लाइंट अपनी फर्म से जोड़ने में कामयाबी हासिल की। अभी उनकी फर्म के पास 40 लाख रजिस्टर्ड यूजर्स हैं। उनका कहना है कि 14 की उम्र में जब स्कूल छोड़ा तब उनके मन में चेस प्लेयर बनने का सपना था। सपना पूरा तो नहीं हुआ। चेस उन्हें उतना पैसा नहीं दे पाया, जिसकी उन्हें जरूरत थी। अलबत्ता चेस ने उन्हें सिखाया कि सिस्टम में रहकर कैसे काम किया जाता है।

निखिल ने एक काल सेंटर में काम करने के दौरान 17 की उम्र में अपने भाई से शेयर बाजार की बारीकियां सीखनी शुरू कर दी थीं। स्कूल को 14 की आयु में अलविदा कहने वाले निखिल का कहना है कि उनमें पढ़ने का जज्बा आज भी कायम है। हर सप्ताह वह एक से दो किताबें पढ़कर उनसे सीख लेते हैं। इससे उन्हें अपने कामकाज को और ज्यादा धार देने की सीख मिलती है। उनके लिए पढ़ना नई चीजों को सीखने की प्रक्रिया है।

निखिल कामथ और नितिन कामथ और की नेटवर्थ 24 हजार करोड़ रुपए है। दोनों भाइयों ने साल 2010 में देश की पहली ऑनलाइन ब्रोकरेज फर्म जेरोधा की स्थापना की थी। बेहद कम लागत में शुरू की गई यह कंपनी पहले केवल रिटेल शेयर ब्रोकिंग का काम करती थी। लेकिन आज यह कंपनी इक्विटी, बॉन्ड, करेंसी, कमॉडिटी और म्यूचुअल फंड्स में ट्रेडिंग ऑफर करती है। जेरोधा के अलावा नितिन कामथ और निखिल कामथ ने एक इंवेस्टमेंट मैनेजमेंट फर्म True Beacon की स्थापना भी की है।

निखिल के मुताबिक, उनके भाई नितिन ने 17 वर्ष की उम्र से ही शेयर ट्रेडिंग शुरू कर दी थी। 2009 के बाद दोनों भाइयों ने निर्णय लिया कि निखिल ट्रेडिंग जारी रखेंगे और नितिन एक ब्रोकरेज फर्म बनाएंगे। इस तरह से जेरोधा की आधारशिला रखी जा सकी। उनका कहना है कि जेरोधा कोई ब्रोकरेज चार्ज नहीं लेती। एक ट्रेड के लिए केवल 20 रुपए लिए जाते हैं। जेरोधा से जुड़ने के लिए निवेशकों को एक खाता खुलवाना होता है। इसके लिए कंपनी 300 रुपये लेती है। हर महीने इस कंपनी में 2 लाख से अधिक नए अकाउंट खुलते हैं। कंपनी अपनी एक ऑनलाइन एजुकेशनल क्लास भी चलाती है।

Next Stories
1 7th Pay Commission: इस राज्य के सरकारी कर्मियों को एडवांस होली गिफ्ट! DA में की बढ़ोतरी, बढ़कर मिलेगी सैलरी
2 Kerala Win Win Lottery W-605 Results: आज की लॉटरी का रिजल्ट जारी, इस लॉटरी नंबर को लगा पहला इनाम
3 कंगना रनौत की बढ़ सकती है मुश्किलें! जावेद अख्तर द्वारा दायर मानहानि के मुकदमे में जमानती वारंट जारी
कोरोना LIVE:
X