ईंधन की कीमतों में बार बार बढ़ोतरी ने देश की जनता को नाराज कर दिया है। उपभोक्ताओं ने कीमतों में इजाफा को मध्यम वर्गीय जनता के लिए परेशानी का कारण बताया। उन्होंने कहा कि इससे रोजाना काम के सिलसिले में सफर करने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने सरकार से यह मांग की कि वो ईंधन की कीमतों पर नियंत्रण करे ताकि आम लोगों की परेशानी थोड़ी कम हो सके।

वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच शनिवार को देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई। पिछले 10 दिनों में यह तीसरी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। बढ़ती कीमतों को लेकर दिल्ली समेत कई शहरों के लोगों ने चिंता जताई और कहा कि आमदनी नहीं बढ़ रही, जबकि खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है।

आम लोगों ने बताई अपनी परेशानी

दिल्ली के एक उपभोक्ता ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, “इसका सबसे ज्यादा असर मिडिल क्लास पर पड़ रहा है। पेट्रोल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। जिन लोगों को काम पर जाना है, उन्हें गाड़ी इस्तेमाल करनी ही पड़ेगी। लोग कारपूलिंग भी कर रहे हैं, लेकिन पेट्रोल इतना महंगा हो गया है कि कोई विकल्प नहीं बचा। इलेक्ट्रिक कारें भी बहुत महंगी हैं, इसलिए आम लोग उन्हें खरीद नहीं पा रहे।”

एक अन्य निवासी ने कहा कि रोजाना पेट्रोल पर करीब 200 रुपये खर्च हो जाते हैं यानी महीने में लगभग 6,000 रुपये सिर्फ ईंधन पर खर्च हो रहे हैं। उन्होंने कहा, “15-16 हजार रुपये की सैलरी में परिवार कैसे चलाएं? सरकारी नौकरी करने वालों की तनख्वाह भी नहीं बढ़ रही, लेकिन खर्च लगातार बढ़ते जा रहे हैं।”

कुछ लोगों ने सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “आम आदमी की हालत खराब हो गई है। खर्च बढ़ते जा रहे हैं और सरकार कोई राहत नहीं दे रही।”

सीएनजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी

गौरतलब है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ ही शनिवार से कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमतों में भी 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी गई। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) द्वारा जारी आदेश के बाद दिल्ली में CNG वाहन चालकों और टैक्सी ड्राइवरों की परेशानी और बढ़ गई है।

टैक्सी चालकों का कहना है कि गैस के दाम बढ़ने के बावजूद किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है। एक ड्राइवर ने कहा, “अगर हम यात्रियों से 10-20 रुपये ज्यादा मांगते हैं तो वे झगड़ा करने लगते हैं। सरकार गैस के दाम बढ़ा देती है, लेकिन किराया नहीं बढ़ाती। नुकसान हमारा हो रहा है।”

एक अन्य निवासी ने कहा कि पहले लोग पेट्रोल-डीजल की तुलना में सीएनजी को सस्ता विकल्प मानकर अपनाते थे, लेकिन अब लगातार बढ़ती कीमतों से वह फायदा भी खत्म होता दिख रहा है। उन्होंने कहा, “अगर इसी तरह कीमतें बढ़ती रहीं तो पेट्रोल और सीएनजी के दामों में ज्यादा फर्क नहीं बचेगा।”

भारत में पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और गैस की कीमतों, डॉलर विनिमय दर और स्थानीय टैक्स के आधार पर तय होती हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और सप्लाई को लेकर चिंताओं के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है, जिसका सीधा असर भारत में ईंधन कीमतों पर पड़ रहा है।

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Crude Oil vs Petrol Price: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। सरकारी तेल कंपनियों ने मई 2026 में तीसरी बार ईंधन के दाम बढ़ाए हैं। दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे महंगा होकर 99.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे बढ़कर 92.49 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। पूरी खबर पढ़ें…