कांग्रेस के कद्दावर नेता वीडी सतीशन केरल के अगले मुख्यमंत्री होंगे। पार्टी ने गुरुवार को हालिया विधानसभा चुनाव परिणाम के एलान के 10 दिनों बाद अगले मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की। अब यह बात सामने आ रही है कि मंगलवार दोपहर राहुल गांधी ने केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी। इसके बाद रात करीब 10 बजे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीएम सुधीरन ने 10 जनपथ पहुंचकर उनसे मुलाकात की।
वीडी सतीशन के समर्थन में खुलकर बोलने वाले सुधीरन को उन आखिरी नेताओं में माना जा रहा है, जिनकी राय राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री पद के चयन से पहले सुनी। बुधवार सुबह सुधीरन ने सार्वजनिक रूप से कहा कि मुख्यमंत्री का फैसला “जनता की भावनाओं” के अनुरूप होना चाहिए। इसके कुछ घंटों बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ अंतिम चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग गई। हालांकि इसे पब्लिक नहीं किया गया।
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों ने कहा कि आखिरी समय में केसी वेणुगोपाल की दावेदारी कमजोर पड़ गई। खड़गे और राहुल गांधी की बातचीत के बाद पार्टी के पुराने नेता और राहुल के करीबी माने जाने वाले वेणुगोपाल को सीएम पद की दौड़ से बाहर कर दिया गया। बताया जाता है कि उन्हें भी इस फैसले का आभास हो गया था। यह उनके लिए बड़ा झटका था। खासकर तब जब 7 मई को एआईसीसी पर्यवेक्षकों के सामने अधिकतर विधायकों ने उनका समर्थन किया था।
आखिरी पलों में रेस से बाहर हुए वेणुगोपाल
हालांकि, वेणुगोपाल के रेस से बाहर होने के बाद भी मामला पूरी तरह साफ नहीं हुआ था। तीन प्रमुख दावेदारों की इस दौड़ में रमेश चेन्निथला को भी एक उम्मीदवार माना जा रहा था। उनकी भी संभावना बनी हुई थी। ऐसे में सभी की नजरें आधिकारिक घोषणा पर थी, जो गुरुवार सुबह होनी थी।
गुरुवार सुबह 10 बजे राहुल गांधी ने वेणुगोपाल को अपने सुनेहरी बाग स्थित आवास पर बुलाया। वहां प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद थीं। करीब एक घंटे चली इस बैठक में उन्हें कथित तौर पर डिसिजन प्रोसेस के बारे में बताया गया। मतलब वह कारण जिनकी वजह से सतीशन को उनके बदले चुना गया। इसके बावजूद अंतिम फैसला अभी भी गोपनीय रखा गया था। यहां तक कि केरल जाने वाले पार्टी प्रबंधकों को भी यह नहीं पता था कि घोषणा सतीशन के नाम की होगी या चेन्निथला के।
हालांकि, करीब आधे घंटे बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एआईसीसी की केरल प्रभारी दीपादास मुंशी और राज्य पर्यवेक्षक अजय माकन और मुकुल वासनिक की बैठक बुलाई। इसी बैठक में अंतिम रणनीति तय हुई और सार्वजनिक घोषणा को मंजूरी दी गई।
वेणुगोपाल की दावेदारी खत्म हो चुकी थी। लेकिन कांग्रेस ने बीच का रास्ता चुनने के बजाय राज्य नेतृत्व में पीढ़ीगत बदलाव पर दांव लगाया। यानी रमेश चेन्निथला जैसे “समझौता उम्मीदवार” को आगे नहीं बढ़ाया गया। सूत्रों के मुताबिक, वरिष्ठ नेता चेन्निथला को मनाने के लिए बाद में बातचीत भी की गई।
सतीशन के पक्ष में बना माहौल नजरअंदाज करना मुश्किल
दोपहर 12 बजे आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजय माकन, दीपादास मुंशी, मुकुल वासनिक और जयराम रमेश ने आधिकारिक तौर पर वीडी सतीशन के नाम की घोषणा की। मुख्यमंत्री पद को लेकर नौ दिनों तक चली राजनीतिक खींचतान के दौरान “जनता की भावना” सतीशन समर्थक नेताओं और आम कार्यकर्ताओं का सबसे बड़ा नारा बन गई थी।
कांग्रेस के सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML), आरएसपी और केरल कांग्रेस ने भी यही तर्क दिया कि केवल विधायकों के समर्थन के आधार पर फैसला नहीं होना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को लगातार ईमेल भेजे गए। यहां तक कि प्रियंका गांधी के वायनाड लोकसभा क्षेत्र का भी हवाला दिया गया जहां IUML का मजबूत वोट बैंक है। ऐसे सतीशन के पक्ष में बना माहौल नजरअंदाज करना मुश्किल हो गया था।
ऐसे में जब राहुल गांधी ने परामर्श प्रक्रिया को जल्द खत्म करने के बजाय और नेताओं से राय लेने का फैसला किया तभी साफ हो गया था कि सतीशन प्रबल दावेदार बन चुके हैं। बताया जाता है कि वीएम सुधीरन, के मुरलीधरन और कुछ सूत्रों के अनुसार वरिष्ठ नेता एके एंटनी तथा प्रियंका गांधी के समर्थन ने आखिरकार बाजी पलट दी।
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केरल में विधानसभा चुनाव नतीजे आने के दस दिनों के बाद गुरुवार को कांग्रेस ने अपना विधायक दल का नेता चुन लिया है और कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायकों ने वीडी सतीशन को अपना सीएलपी चुना है। वीडी सतीशन का केरल का मुख्यमंत्री बनना अब तय हो गया तो केरल से आने वाले कांग्रेस के लोकसभा सांसद शशि थरूर का बयान भी आया है। उन्होंने सतीशन को बधाई दी और जीत को लेकर बड़ा बयान दिया। पूरी खबर पढ़ें…
