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आलू का पराठा कैसे बनाएं? किसान आंदोलन पर कांग्रेस अब ऐसे ले रही बीजेपी से चुटकी, पालक पनीर, वेज पुलाव, दाल तड़का की गजब रेसिपी

बहरहाल आपको बता दें कि नए कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के मन में आशंका है कि तीन नये कृषि कानूनों के बाद उनकी आय प्रभावित होगी और कॉरपोरेट घरानों की एंट्री से वो तबाह हो जाएंगे।

किसानों के आंदोलन को लेकर कांग्रेस लगातार मोदी सरकार पर तंज कसती रही है। फोटो सोर्स – ANI

नये कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है। इस आंदोलन के दौरान कांग्रेस पार्टी लगातार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर शब्दों के तीर चला रही है। अब कांग्रेस ने ट्विटर और इंस्टाग्राम अकाउंट पर खास तरीके की रेसिपी को बनाने की विधि शेयर कर भाजपा पर चुटकी ली है। कांग्रेस ने अपने ट्विटर अकाउंट पर आलू का पराठा कैसे बनाएं? इसकी विधि चार स्टेप्स में शेयर की है। पार्टी ने इसके साथ ही इस खास व्यंजन की मुख्य सामग्री उपजाने वाले किसानों का शुक्रिया किया है। पार्टी की तरफ से लिखा गया है कि ‘कृतज्ञता एक लंबा रास्ता तय करता है, भाजपा को इसका प्रयास करना चाहिए।’ यहां आपको बता दें कि कांग्रेस समेत लगभग सभी बड़ी विपक्षी पार्टियां (जिनमें एनसीपी, आम आदमी पार्टी, डीएमके और टीआरएस भी शाामिल हैं) किसानों का समर्थन कर रही हैं और नये कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर डटी हैं।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी हर रोज किसानों के समर्थन में ट्वीट कर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हैं। राहुल गांधी ने हाल ही में ट्वीट कर कहा था कि ‘बिहार के किसान बिना एमएसपी-एपीएमसी के कई परेशानियों का सामना कर रहे हैं और पीएम पूरे देश को इस कुएं में ढकेल रहे हैं। ऐसे हालात में यह हमारा कर्त्व्य है कि हम किसानों का समर्थन करें जो देश के अन्नदाता हैं।’

सोमवार को राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा था कि ‘मोदी जी किसानों से चोरी रोकिए…पूरा देश जानता है कि आज किसानों का भारत बंद है…कृप्या इस बंद का समर्थन कर किसानों के आंदोलन को सफल बनाइए।’

बहरहाल आपको बता दें कि नए कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के मन में आशंका है कि तीन नये कृषि कानूनों के बाद उनकी आय प्रभावित होगी और कॉरपोरेट घरानों की एंट्री से वो तबाह हो जाएंगे, हालांकि केंद्र सरकार का दावा है कि नए कानूनों से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और किसान अपने उत्पादन को कही भी बेचने में सक्षम हो पाएंगे।

किसान अपनी मांगों को लेकर दिल्ली से सटे यूपी और हरियाणा के बॉर्डर पर जमे हुए हैं। मंगलवार को किसानों ने भारत बंद बुलाया था। इस बंद का कई जगहों पर व्यापक असर भी पड़ा था।

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