कोरोना के ओम‍िक्रॉन संक्रमण में कैसे दर्द से गुजरना होता है- पीड़‍ित डॉक्‍टर ने बताई आपबीती

उन्होंने बताया कि पहली दफा 21 को उन्हें कोरोना के लक्षण अपने भीतर दिखे। तीन दिन घर में रहने के बाद वह 25 को अस्पताल में दाखिल हुए तो उनका इलाज शुरू हो गया। अगली सुबह उनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं था। यहां तक कि हल्का बुखार या फिर मांसपेशियों में दर्द की कोई शिकायत नहीं थी।

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कोरोना के ओमिक्रोन वेरिएंट ने भारत में की एंट्री।

ओमीक्रोन से संक्रमित होने वाले बेंगलुरु के डॉक्टर के मुताबिक न तो उन्हें तेज बुखार आया और न ही कोई दूसरा ऐसा अनुभव सामने आया जो कष्टदायी हो। उनको हल्के बुखार के साथ थोड़ा बहुत शरीर दर्द और ठंड लगने की शिकायत थी। हालांकि, उसे कोरोना का संक्रमण दूसरी बार हुआ लेकिन इस बार पहले की तरह ज्यादा परेशानी से नहीं गुजरना पड़ रहा है। फिलहाल वह अस्पताल में उपचाराधीन हैं। कुछ दिनों में उन्हें छुट्टी मिलेगी।

NDTV की खबर के मुताबिक अपना नाम न छापने की शर्त पर 46 वर्षीय चिकित्सक ने बताया कि वह कैसे ओमीक्रोन से संक्रमित हुए, नहीं जानते। हो सकता है कि वह अस्पताल में काम के दौरान किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आ गए जिसकी ट्रेवल हिस्ट्री रही हो। डॉक्टर का टेस्ट 22 को किया गया था। जिसके बाद पता चला कि वह ओमीक्रोन से संक्रमित हैं। हालांकि, तीन दिनों तक वह घर में ही रहें लेकिन कुछ परेशानी सामने आने के बाद अस्पताल में दाखिल हुए। वहां उनका ऑक्सिजन लेवल 96-97 मिला। खास बात है कि उन्हें कोविशील्ड की दोनों डोज लग चुकी हैं।

उन्होंने बताया कि पहली दफा 21 को उन्हें कोरोना के लक्षण अपने भीतर दिखे। तीन दिन घर में रहने के बाद वह 25 को अस्पताल में दाखिल हुए तो उनका इलाज शुरू हो गया। अगली सुबह उनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं था। यहां तक कि हल्का बुखार या फिर मांसपेशियों में दर्द की कोई शिकायत नहीं थी। अस्पताल ने बीते दिन फिर से उनका आरटी-पीसीआई टेस्ट किया था। दोनों की रिपोर्ट पॉजिटिव है। लेकिन उन्हें लगता है कि 2-3 दिन दुरुस्त होने में लगेंगे।

हालांकि, उन्हें अगले सात दिनों तक निगरानी में रखा जाएगा। अस्पताल से छुट्टी तभी मिलेगी जब उनकी रिपोर्ट नेगेटिव होगी। ध्यान रहे कि बेंगलुरु के चिकित्सक को भारत में ओमीक्रोन के पहले कुछ मामलों में से एक माना जा रहा है। उनका कहना है कि उनके संपर्क में आए सभी लोगों की जांच की गई। दो साथियों को छोड़कर बाकी लोग नेगेटिव ही मिले हैं। संक्रमण का अंदाजा होते ही उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया था जिससे कि परिवार का कोई व्यक्ति संक्रमित न हो।

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