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इनकम टैक्स रिफंड क्लेम करने का ये है आसान तरीका

Income Tax Refund Claim Online: रिफंड कॉलम में अगर आपको रिफंड अमाउंट आ रहा है तो इसका मतलब है कि आपने अपने ऑरिजनल टैक्स से ज्यादा टैक्स दिया है।

पेंशन प्लान में भी निवेश किया जा सकता है। पिछले वर्ष इसमें 7 से 10 फीसदी तक रिटर्न मिला है।

आदिल शेट्टी, सीईओ, बैंक बाजार डॉट कॉम

इनकम टैक्स फाइल करने के बाद बारी आती है इनकम टैक्स रिफंड की। आज आपको बताते हैं कि इनकम टैक्स रिफंड के लिए कैसे क्लेम करें। टैक्स की दरें निर्धारित हैं बावजूद इसके कई कारणों से ज्यादा टैक्स देना पड़ता है। फिक्स्ड डिपॉजिट जैसे निवेशों के स्त्रोत पर या सैलरी से होनी वाली इनकम पर भी टैक्स देना पड़ता है। कई बार हम सही समय पर अपने निवेश के बारे में बताने में असफल हो जाते हैं जिसकी वजह से ज्यादा टैक्स देना पड़ता है और बाद में रिफंड के लिए क्लेम करना पड़ता है। आईये हम आपको बताते हैं कि टैक्स रिफंड के लिए कैसे क्लेम करें।

रिटर्न दाखिल करने की तारीख जानें
इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय ही इनकम टैक्स रिफंड का दावा किया जा सकता है। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई होती है। उदारण के लिए अगर आप 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 तक का इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर रहे हैं तो इसकी आखिरी तारीख 31 जुलाई 2017 होगी। कोशिश करें की इनकम टैक्स फाइल करने की आखिरी तारीख से पहले ही अपना टैक्स रिटर्न फाइल कर दें।

सभी जरूरी पेपर्स तैयार रखें
अपना रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेजों को तैयार रखें। इन दस्तावेजों में बैंक स्टेटमेंट, सैलरी स्टेटमेंट, बिजनेस इनकम स्टेटमेंट (अगर आप बिजनेसमैन हैं तो), एंप्लॉयर या उस बैंक से फॉर्म 16 जहां आपने निवेश किया है, ब्याज भुगतान प्रमाणपत्र, इनवेस्टमेंट प्रूफ और संबंधित डॉक्यूमेंट, जरूरी इंश्योरेंश डॉक्यूमेंट, 26AS टैक्स क्रेडिट एक्सट्रैक्ट आदि।

आयकर रिटर्न दाखिल करें
इसके बाद आपको आयकर रिटर्न दाखिल करना होगा। इसके लिए एक फॉर्म (आईटीआर -1 या आईटीआर -4) भरना होगा। फॉर्म में सभी जरूरी डिटेल्स नाम, पता, टोटल इनकम, टैक्सेबल इनकम, टीडीएस (यदि कोई हो तो), कुल देय, रिफंड देय, आदि शामिल होंगी। इस फॉर्म में इस साल की आपकी सभी वित्तीय जानकारी शामिल होती हैं। आप आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए किसी सीए की मदद ले सकते हैं या आप इसे स्वयं भी कर सकते हैं।

रिफंड अमाउंट जानें
फॉर्म सबमिट (जमा) करने के बाद आप रिफंड कॉलम में रिफंड राशि (यदि कोई है) देख सकते हैं। ऐसा तब होता है जब आपके द्वारा भुगतान किया गया टैक्स आपके ऑरिजनल टैक्स से ज्यादा होता है। इस अमाउंट को जानने के लिए सबसे पहले कर भुगतान और सत्यापन (Taxes paid and verification) शीट पर Validate पर क्लिक करना होगा। इसके बाद आपको रिफंड की राशि पता चल जाएगी। इसके बाद जनरेट हुए आईटीआर फार्म को अपने पास सेव करके रखें।

फॉर्म को इनकम टैक्स ऑफिस भेजें
रिफंड कॉलम में अगर रिफंड अमाउंट आ रहा है तो इसका मतलब है कि आपने अपने ऑरिजनल टैक्स से ज्यादा टैक्स दिया है। रिफंड का दावा करने के लिए आपको फॉर्म का प्रिंट आउट लेकर उस पर अपने दस्तखत करने होंगे। फॉर्म में दस्तखत करने की जगह दी होती है। इसके बाद इसे फॉर्म में दिए गए पते पर इनकम टैक्स ऑफिस भेजना होगा। फॉर्म को स्पीड पोस्ट या साधारण पोस्ट से ही भेजना होता है।

अब इसके प्रोसेस होने का इंतजार करें
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को जैसे ही आपका फॉर्म मिलता है, यह आपको एसएमएस के माध्यम से इसकी जानकारी देता है। अगर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को अमाउंट में कोई अंतर मिलता है तो वह इसकी पुष्टि कर सकता है। अगर वह आपकी दी गई जानकारी से संतुष्ट हो जाते हैं तो वह इसे रिफंड के लिए प्रोसेस कर देते हैं। इस पूरे प्रोसेस के बारे में आपको एसएमएस और ईमेल के माध्यम से जानकारी मिलती रहती है। रिफंड की प्रक्रिया को पूरा होने में एक महीने से लेकर चार महीने तक का समय लग सकता है।

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