ताज़ा खबर
 

SPG सुरक्षा क्या है, किसे मिलती है और कैसे करती है काम? जानिए

सुरक्षा एजेंसियों ने बताया है कि कई मौकों पर तीनों नेताओं ने इस सुरक्षा का इस्तेमाल नहीं किया है। एजेंसियों ने कहा है कि ऐसा करना एसपीजी कमांडोज को बाधा में डालता है।

SPG, SPG protection, modi govt, abroad trip, india today, SPG protectees, Gandhi family, Rahul Gandhi, Sonia Gandhi, Priyanka Gandhi, former PM, Manmohan Singh, india news, Hindi news, news in Hindi, latest news, today news in Hindi(फाइल फोटो)

सरकार ने लोकसभा में 11 फरवरी, 2020 को जानकारी दी है क‍ि इस समय देश में केवल एक ही व्‍यक्‍त‍ि को एसपीजी सुरक्षा म‍िली हुई है। मंत्री द्वारा द‍िए गए ल‍िख‍ित जवाब में उस व्‍यक्‍त‍ि का नाम नहीं बताया गया है, लेक‍िन यह तथ्‍य है क‍ि वह व्‍यक्‍त‍ि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैंं। 2020-21 में एसपीजी के ल‍िए जो बजट आवंट‍ित क‍िया गया है, उसके ह‍िसाब से गणना लगाएं तो एक द‍िन के ल‍िए करीब 1.62 करोड़ का आंकड़ा आता है (यहां समझें पूरा गण‍ित)।

इससे पहले नवंबर, 2019 में मोदी सरकार ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, उनके बेटे राहुल गांधी और बेटी प्रियंका गांधी की विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) का सुरक्षा घेरा हटाने का फैसला किया था। सुरक्षा एजेंसियों ने बताया था कि कई मौकों पर तीनों नेताओं ने इस सुरक्षा का इस्तेमाल नहीं किया है। एजेंसियों ने कहा था कि ऐसा करना एसपीजी कमांडोज को बाधा में डालता है।

केंद्र सरकार ने इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का सुरक्षा कवच कमजोर कर दिया था। पहले उनके पास स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) की सुरक्षा थी, लेकिन उन्हें सीआरपीएफ की Z प्लस सिक्यॉरिटी मुहैया कराई गई है। लेकिन यह सुरक्षा मानक कैसे तैयार होते हैं और इनकी श्रेणियों का निर्धारण किन-किन बातों को ध्यान में रखते हुए किया जाता है, जानिए विस्तार से:-

सरकार द्वारा सुरक्षा के स्तर का निर्धारण: गृह मंत्रालय रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (R&W) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के सुझाव पर व्यक्ति विशेष की सुरक्षा का निर्धारण करता है। ये एजेंसियां आतंकियों से जान का खतरा या किसी भी तरह के शारीरिक नुकसान को ध्यान में रखकर सुरक्षा का मानक तय करती हैं। हालांकि, कुछ सूरतों में सरकार के भीतर शामिल लोगों को सुरक्षा व्यवस्था की तय कैटगरी स्वत: ही मिल जाती है। इनमें प्रधानमंत्री और उनके परिजनों को टॉप क्लास सिक्यॉरिटी अपने आप मुहैया करा दी जाती है। इसी तरह गृहमंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को भी अपने आप ही सुरक्षा कवच मिल जाती है।

SPG की कार्यशैली और दायित्व: एसपीजी एक ऐसी फोर्स है जो प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवार की रखवाली में तैनात की जाती है। यह सुरक्षाबल वर्तमान में 3,000 के संख्या बल में है। एसपीजी एक आला दर्जे की कुशल सुरक्षा दस्ता है। यह शारीरिक, मानसिक, युद्ध और भारी भीड़ के बीच भी सुरक्षा की कला में ट्रेंड होती है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात एसपीजी सुरक्षाकर्मी सन-ग्लास के साथ काले रंग का वेस्टर्न सूट पहने रहते हैं और ये अपने साथ दो संचार स्थापित करने के लिए कानों में ईयरपीस में लगाए होते हैं। ये अपने साथ एक हैंडगन भी छिपा कर रखते हैं। कभी-कभी ये सफारी सूट भी अवसर विशेष पर पहने होते हैं। स्पेशल कमांडो की ट्रेनिंग लिए ये सुरक्षाकर्मी अल्ट्रा मॉडर्न असाल्ट राइफल और अन्य प्रोटेक्शन से लैस रहते हैं।

SPG का गठन: 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1985 में एक मजबूत सुरक्षा कवच की मांग उठी। उसके पहले दिल्ली पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स ने इंदिरा गांधी के आवास और उनकी सुरक्षा मुहैया कराए हुए थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री की हत्या के बाद 1985 में बिरबल नाथ कमेटी का गठन हुआ और उसी कमेटी ने सुरक्षा के संबंध में जरूरी सुझाव दिए। जिसके बिनाह पर 1988 में एसपीजी एक्ट संसद से पारित किया गया। जब वीपी सिंह 1989 में प्रधानमंत्री बने तब उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से एसपीजी सुरक्षा कवर हटा लिया। लेकिन, 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद वीपी सिंह को काफी आलोचनाएं झेलनी पड़ीं। इसके बाद एसपीजी एक्ट में संशोधन करके इसे सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिवारों को कम से कम 10 सालों तक इसकी सुरक्षा कवर प्रदान किया गया।

2003 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने एक बार फिर एसपीजी एक्ट में संशोधन किए। उस दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों को स्वत: मिलने वाले 10 साल के एसपीजी प्रोटेक्शन को घटाकर एक साल कर दिया। इसके बाद भी यदि संबंधित पूर्व प्रधानमंत्री के जीवन को खतरा होता है तो हालात की समीक्षा के बाद उसे एसपीजी मुहैया कराए जाने का प्रावधान रखा गया। गौरतलब है कि वाजपेयी सरकार के कार्यकाल में ही पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा, आईके गुजराल और पीवी नरसिम्हा राव से एसपीजी सुरक्षा हटा ली गई थी। 2019 में मोदी सरकार ने भी एसपीजी एक्‍ट में संशोधन क‍िया।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 बिहार में क्राइम: सीएम नीतीश कुमार की राय- अपराध तो स्वभाव में, रोक नहीं सकते
ये पढ़ा क्या?
X