53 फीसदी वोटर्स पर फोकस कर 52 साल के कुंवारे सर्बानंद सोनोवाल ने किया असम का सीएम बनने का रास्‍ता साफ - Jansatta
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53 फीसदी वोटर्स पर फोकस कर 52 साल के कुंवारे सर्बानंद सोनोवाल ने किया असम का सीएम बनने का रास्‍ता साफ

असम के इतिहास में सोनावाल दूसरे आदिवासी मुख्‍यमंत्री होंगे। इससे पहले 1979 में 94 दिन के लिए जोगेन हजारिका मुख्‍यमंत्री बने थे। असम में 53 फीसदी से ज्‍यादा ट्राइबल पॉपुलेशन है।

सर्बानंद सोनोवाल कछारी समुदाय (अनुसूचित जनजाति) से आते हैं।(फाइल फोटो)

असम में भाजपा की शानदार जीत का बड़ा श्रेय सर्बानंद सोनोवाल को जाता है। सोनोवाल पर पार्टी ने बड़ा सोच-समझ कर दांव खेला। नरेंद्र मोदी और अमित शाह के विश्‍वासपात्र सोनोवाल को भाजपा ने चुनाव से पांच महीने पहले ही दोबारा असम का प्रदेश अध्‍यक्ष बनाया था और जनवरी में मुख्‍यमंत्री पद का उम्‍मीदवार भी घोषित कर दिया। पार्टी को शानदार जीत की उम्‍मीद नहीं थी। सोनोवाल को जो टारगेट दिया गया था, उसके मुताबिक उन्‍हें असम में भाजपा का प्रदर्शन लोकसभा चुनाव से कम नहीं होने देना था। सोनोवाल ने इससे कहीं ज्‍यादा हासिल किया।

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भाजपा ने बिहार, महाराष्‍ट्र, झारखंड, हरियाणा और जम्‍मू-कश्‍मीर से अलग नीति अपनाते हुए असम में चुनाव से पहले ही मुख्‍यमंत्री पद का उम्‍मीदवार घोषित किया तो इससे सोनोवाल ने जी-जान लगा कर मेहनत की। लोकसभा चुनाव में असम में भाजपा को 14 में से सात सीटें जिता कर कांग्रेस को इतिहास में सबसे कम (तीन) सीटों पर समेट देने का श्रेय सोनोवाल के ही नाम था। इसलिए पार्टी को उनकी योग्‍यता पर कोई शक नहीं था। तभी तो नरेंद्र मोदी ने उन्‍हें अपनीी कैबिनेट में खेल मंत्री की कुर्सी भी दी थी।

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सर्बानंद सोनोवाल कछारी समुदाय (अनुसूचित जनजाति) से आते हैं। वह बेदाग छवि के नेता हैं। असम में उनकी लोकप्रियता भी खूब है। पहले वह असम गण परिषद (एजीपी) में हुआ करते थे। 2011 में उन्‍होंने भाजपा का दामन थामा। वह 52 साल के हैं। उन्‍होंने अभी शादी नहीं की है। इस बारे में अभी फैसला लेना बाकी है।

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असम के इतिहास में सोनावाल दूसरे आदिवासी मुख्‍यमंत्री होंगे। इससे पहले 1979 में 94 दिन के लिए जोगेन हजारिका मुख्‍यमंत्री बने थे। असम में 53 फीसदी से ज्‍यादा ट्राइबल पॉपुलेशन है। असमिया भाषी अन्‍य समुदायों के वोटर्स 12 फीसदी हैं। सोनोवाल ने इन्‍हीं मतदाताओं पर फोकस किया। लेकिन उन्‍हें मुसलमानों का भी समर्थन मिला। असम में मुस्लिम मतदाताओं की आबादी 34 फीसदी है। स्‍थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक 500 मौलानाओं ने सोनोवाल को समर्थन का वादा किया था।

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