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जानिए राष्ट्रपति बनने के बाद रामनाथ कोविंद को मिलेगी कितनी सैलरी और क्या-क्या सुविधाएं

Ramnath Kovind Salary: : केवल राष्ट्रपति ही नहीं, बल्कि उपराष्ट्रपति और राज्यपालों की सैलरी के बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया है। वर्तमान में उपराष्ट्रपति की सैलरी 1.10 रुपए है, जो कि 3.5 लाख रुपए प्रति महीने हो जाएगी।

Author नई दिल्ली | July 25, 2017 10:18 am
रामनाथ कोविंद भारत के 14वें राष्ट्रपति बन गए हैं। उन्होंने यूपीए की उम्मीदवार मीरा कुमार को हराकर यह चुनाव जीता है। (Source: AP Photo)

रामनाथ कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। कोविंद 24 जुलाई को कार्यकाल खत्म कर रहे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की जगह लेंगे। कोविंद 25 जुलाई को राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे और 750 से ज्यादा स्टॉफ वाले राष्ट्रपति भवन में जाएंगे। लेकिन क्या आपको पता है कि राष्ट्राध्यक्ष बनकर वह क्या अर्जित (कमाएंगे) करेंगे। वर्तमान में राष्ट्रपति को सैलरी के रूप में डेढ लाख रुपए सैलरी मिलती है। हालांकि, 7वें वेतन आयोग ने राष्ट्र के सर्वोच्च शख्स के वेतन में 200 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव मंजूर किया है। आयोग के प्रस्ताव के बाद राष्ट्रपति की कमाई 5 लाख रुपए प्रति महीने होगी। इससे पहले राष्ट्रपति की सैलरी 2008 में बढ़ाई गई थी और पचार हजार रुपए महीने से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपए किया था। 200 फीसदी वृद्धि का फैसला तब लिया गया था कि जब सरकार को लगा कि कैबिनेट सेक्रेटरी, राष्ट्रपति से ज्यादा सैलरी प्राप्त करता है।

केवल राष्ट्रपति ही नहीं, बल्कि उपराष्ट्रपति और राज्यपालों की सैलरी के बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया है। वर्तमान में उपराष्ट्रपति की सैलरी 1.25 रुपए है, जो कि 3.5 लाख रुपए प्रति महीने हो जाएगी। सरकार के इस फैसले का लाभ पूर्व राष्ट्राध्यक्षों को मिलेगा। कार्यकाल खत्म होने के बाद पूर्व राष्ट्रपति को 1.5 लाख रुपए प्रति महीने पेंशन मिलेगी। फिलहाल पूर्व राष्ट्रपति को पेंशन के रूप में 75000 रुपए मिलते हैं। कोविंद भारत के वायसराय के लिए अंग्रेजों द्वारा बनाए गए घर में रहेंगे, जो कि आजादी के बाद देश के राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास है। राष्ट्रपति भवन का नाम दो गांवों- रायसीना और मालचा के नाम पर है, जिसे ब्रिटिश वास्तुकार सर एडविन लुटियंस और हरबर्ट बेकर ने डिजाइन किया था।


अंदर की तस्वीरें: दुनिया में सबसे बड़ा है भारत का राष्ट्रपति भवन, सालों में हुआ था तैयार। (Representative Image)

राष्ट्रपति भवन 330 एकड़ से ज्यादा में फैला और 200,000 स्कॉवयर फीट में बना है। राष्ट्रपति भवन का निर्माण 1913 में शुरू हुआ था। इसके निर्माण में 23 हजार से ज्यादा मजदूर लगे थे और इसे बनने में 16 साल (1929) लगे थे। चार मंजिले वाले राष्ट्रपति भवन में 340 कमरे हैं, जिसमें 63 बेडरूम और 63 लिविंग रुम्स है। इसमें 35 गैलरी और कॉरिडोर हैं, जो कई कमरे से कनेक्ट है। सबसे लंबा कॉरिडोर करीब 2.5 किलोमीटर लंबा है।

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