देश में खान-पान की वस्तु में मिलावट के मामलों में करीब दो फीसद तक की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) ने साल 2024-25 में 17,0535 नमूनों की जांच की। इनमें 34,388 नमूने गैर-अनुरूप पाए गए। यह संख्या साल 2023-24 के मुकाबले करीब दो फीसद ज्यादा है। इस साल सबसे ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश से आए।

सरकार के मिलावट पर आंकड़े

राज्य में 30,380 नमूनों की जांच के बाद 16,500 नमूने गैर मानक पाए गए। साल 2023-24 में 170513 नमूनों की जांच की गई। इसमें 33,808 नमूने गैर-अनुरूप पाए गए। एफएसएसएआइ की रपट के मुताबिक साल 2025-26 में अभी तक देशभर से लिए गए 155306 नमूनों की जांच के बाद 27567 नमूने गैर-अनुरूप पाए गए। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि एफएसएसएआइ ने खाद्य परीक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए देशभर में 246 एनएबीएल-मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं को प्राथमिक जांच के लिए अधिसूचित किया है, जबकि अपीलीय नमूनों की जांच के लिए 24 रेफरल खाद्य प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं।

तकनीक से मिलावट पर लगेगी रोक?

दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों में जांच सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ‘फूड सेफ्टी आन व्हील्स’ नामक मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब्स तैनात की गई हैं। वर्तमान में 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 305 मोबाइल लैब्स काम कर रही हैं, जो आम मिलावट की प्राथमिक जांच करने में सक्षम हैं। ये मोबाइल प्रयोगशालाएं न केवल खाद्य जांच करती हैं, बल्कि उपभोक्ताओं को जागरूक करने और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से खाद्य सुरक्षा को लेकर जनभागीदारी भी बढ़ा रही हैं।

सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?

वहीं एफएसएसएआइ का कहना है कि विशेष प्रवर्तन अभियानों, कड़े निरीक्षण और व्यापक जनजागरूकता के जरिए खाद्य मिलावट पर अंकुश लगाने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे। इसकी मदद से आम लोगों को सुरक्षित और शुद्ध भोजन उपलब्ध कराया जा सके। यह संख्या साल 2023-24 के मुकाबले करीब दो फीसद ज्यादा है। इस साल सबसे ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश से आए। राज्य में 30,380 नमूनों की जांच के बाद 16,500 नमूने गैर मानक पाए गए।

मिलावट कैसे हो रही चेक, कितना सैंपल साइज?

साल 2023-24 में 170513 नमूनों की जांच की गई। इसमें 33,808 नमूने गैर-अनुरूप पाए गए। एफएसएसएआइ की रपट के मुताबिक साल 2025-26 में अभी तक देशभर से लिए गए 155306 नमूनों की जांच के बाद 27567 नमूने गैर-अनुरूप पाए गए। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि एफएसएसएआइ ने खाद्य परीक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए देशभर में 246 एनएबीएल-मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं को प्राथमिक जांच के लिए अधिसूचित किया है।