Nasik TCS Case News: नासिक टीसीएस ऑफिस से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न और धार्मिक परिवर्तन के मामले में पुलिस की पहली चार्जशीट में एक दिलचस्प बात सामने आई है। इस केस की जांच के दौरान जब आरोपी निदा खान फरार थीं, तब उनके बारे में पता लगाने के लिए पूछताछ के दौरान पूर्व एआईएमआईएम सांसद इम्तियाज जलील का नाम सामने आया। पुलिस ने यह संदर्भ मुख्य आरोपी को पनाह देने और उसकी लोकेशन छिपाने के सवालों के दौरान दर्ज किया है।
नासिक पुलिस ने 22 मई को इस केस से जुड़े कुल 9 एफआईआर में से पहली एफआईआर की 3500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। यह एफआईआर देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई थी। इसमें रेप, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और एस/एसटी (अत्याचार निवारण) कानून की धाराएं लगाई गई हैं। इस केस में टीसीएस कर्मचारी दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, निदा खान और एआईएमआईएम के कॉरपोरेटर मतीन पटेल को आरोपी बनाया गया है।
चार्जशीट के अनुसार, जांच में सामने आया कि मतीन पटेल ने निदा खान को उस समय पनाह दी, जब उनकी अग्रिम जमानत याचिका नासिक कोर्ट से खारिज हो चुकी थी। पुलिस के मुताबिक तकनीकी जांच और गोपनीय जानकारी से यह पता चला कि पटेल ने जानबूझकर निदा को छिपाने में मदद की, ताकि वह गिरफ्तारी से बच सकें।
चार्जशीट में लिखा है कि जब पटेल को छत्रपति संभाजीनगर क्राइम ब्रांच ऑफिस में पूछताछ के लिए बुलाया गया, तो उन्होंने बार-बार एक ही जवाब दिया – “इम्तियाज जलील साहब को पूछना पड़ेगा।” यह बात कई बार पूछे जाने पर भी उन्होंने दोहराई।
इसके बाद पुलिस ने लगातार पूछताछ की तो पटेल ने वह जगह बताई जहां निदा और उनके परिवार को कथित तौर पर छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने नारेगांव- कौसर CIDCO इलाके में छापा मारकर निदा, उनके माता-पिता, भाई और चाची को बरामद किया। निदा को हिरासत में लेकर नासिक पुलिस की स्पेशल टीम को सौंप दिया गया।
इसके बाद नगर निगम ने उस घर को तोड़ दिया जहां निदा को रखा गया था। साथ ही मतीन पटेल से जुड़ी दो और संपत्तियां भी गिरा दी गईं। इनमें से एक संपत्ति हनीफ खान के नाम पर पाई गई, जिन्होंने कहा कि उन्होंने वह जगह पटेल को इस्तेमाल के लिए दी थी। इसके बाद हनीफ खान को भी आरोपी बनाया गया और पूछताछ की गई।
हालांकि अब तक पुलिस ने न तो इम्तियाज जलील को कोई नोटिस दिया है और न ही उनसे पूछताछ की मांग की है। लेकिन उनका नाम चार्जशीट में आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना मंत्री संजय शिरसत ने आरोप लगाया है कि एआईएमआईएम नेताओं की भूमिका इस पूरे “कॉरपोरेट जिहाद केस” में हो सकती है और उन्होंने मकोका (MCOCA) लगाने की मांग भी की है। इसी बीच छत्रपति संभाजीनगर (पुराना औरंगाबाद) में एआईएमआईएम नगर निगम में मुख्य विपक्षी दल है, जिससे राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
इम्तियाज जलील ने निदा के परिवार से मिलने की बात स्वीकारी
इम्तियाज जलील ने यह स्वीकार किया है कि उन्होंने निदा के परिवार से मुलाकात की थी, जब वह फरार बताई जा रही थीं। उन्होंने 21 अप्रैल को सार्वजनिक रूप से कहा था कि उन्होंने निदा, उनकी मां और चाची से मुलाकात की और उनका समर्थन करेंगे। उन्होंने नगर निगम द्वारा घर गिराए जाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व भी किया।
एक कार्यक्रम में उन्होंने यह भी कहा था – “हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे और एआईएमआईएम उस स्थान पर मतीन के लिए बेहतर और बड़ा स्थान बनाएगी।”
इस बीच जब मीडिया ने उनसे संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि वे इस समय हज के लिए सऊदी अरब में हैं और उन्हें चार्जशीट में नाम आने की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हूं। मैंने पहले ही माना है कि मैं लड़की के परिवार से मिला था और मैं अपने विश्वास के साथ खड़ा रहूंगा।”
मतिन पटेल के वकील अभयसिंह भोसले ने कहा कि पटेल का इम्तियाज जलील का नाम लेना ज्यादा गंभीर बात नहीं है। उनके अनुसार, पटेल ने केवल इसलिए उनका नाम लिया क्योंकि वे पार्टी अध्यक्ष हैं। इसे पूरे केस से जोड़ना राजनीतिक रंग देने जैसा है। पुलिस अब मतीन पटेल की आवाज के सैंपल लेने और मोबाइल से मिले कॉल रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि फरार रहने के दौरान वह किन लोगों के संपर्क में थे।
दूसरी तरफ शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि दानिश शेख ने जुलाई 2022 से उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। अगस्त 2024 में ट्रिंबक रोड पर बाइक राइड के दौरान उसके साथ जबरन संबंध बनाए गए। इसके बाद कई बार शादी के वादे पर शारीरिक संबंध बने। उसने यह भी आरोप लगाया कि उस पर लगभग 2.2 लाख रुपये से ज्यादा का आर्थिक बोझ डाला गया।
चार्जशीट के अनुसार निदा खान ने उसे धार्मिक गतिविधियों से जोड़ने में भूमिका निभाई। पीड़िता को इस्लामिक वीडियो भेजे गए, Muslim Pro ऐप डाउनलोड कराया गया और नमाज सीखने के लिए प्रेरित किया गया। बाद में उसे कलमा पढ़वाया गया और हिजाब-बुर्का पहनने तक की ट्रेनिंग दी गई। आरोप है कि धमकी दी गई कि अगर उसने धर्म परिवर्तन पूरा नहीं किया तो “अल्लाह उसे और उसके परिवार को जहन्नुम भेज देगा।”
तौसीफ अत्तार पर आरोप है कि उसने पीड़िता पर दबाव डालकर शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की। इस पूरे मामले में जांच अभी जारी है और पुलिस सभी डिजिटल और कॉल रिकॉर्ड की गहराई से जांच कर रही है।
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Nasik TCS Case News: महाराष्ट्र के नासिक टीसीएस मामले में 1,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई है। इस चार्जशीट में निदा खान से लेकर दानिश खान तक कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड्स से पूरे नेटवर्क को लेकर कई अहम खुलासे हुए हैं। एसआईटी द्वारा दायर चार्जशीट में बताया गया है कि महिला कर्मचारियों से पहले दोस्ती और भरोसे का रिश्ता बनाया जाता था। इसके बाद उन पर मानसिक दबाव डाला जाता था और फिर कथित तौर पर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता था। कई पीड़ितों ने दावा किया है कि यदि वे इसका विरोध करती थीं तो उन्हें नौकरी और करियर बर्बाद करने की धमकी दी जाती थी। साथ ही बदनामी का डर भी दिखाया जाता था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक
