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सचेत रहिए, बाजार में 70 पैसे से भी कम में बिक रहीं आपसे जुड़ी तमाम जानकारियां

एक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ 'डेटा दलाल' लोगों की निजी जानकारियों को हैक करते हैं और फिर इसे बेचते हैं। हैकर्स 10 से 15 हजार में बेंगलुरु, हैदराबाद और दिल्ली के एक लाख लोगों के पर्सनल जानकारियां साझा कर सकते हैं।

ब्रोकर ने यह भी बताया कि बेंगलुरु, दिल्ली, एनसीआर के 1.7 लाख लोगों की ऐसी जानकारी 7,000 रुपये में दी जा सकती है।

हो सकता है आप यकीन न कर पाएं, लेकिन आपकी पूरी निजी जानकारी जैसे ईमेल आईडी, फोन नंबर, उम्र, वैवाहिक स्थिति, आय और प्रोफेशन एक रुपये से भी कम कीमत में उपलब्ध है। इनमें से कई अहम जानकारियां किसी चुइंग गम की कीमत के बराबर ही बाजार में मौजूद हैं। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ ‘डेटा दलाल’ लोगों की निजी जानकारियों को हैक करते हैं और फिर इसे बेचते हैं। हैकर्स 10 से 15 हजार में बेंगलुरु, हैदराबाद और दिल्ली के एक लाख लोगों के पर्सनल जानकारियां साझा कर सकते हैं। यह लिस्ट काफी क्रिएटिव और अलग तरह की होती है। एक दलाल ने यहां तक कहा कि वह आसपास के क्षेत्र के अमीर, नौकरीपेशा, क्रेडिट कार्ड, कार रखने वाले और रिटायर हो चुकी महिलाओं की निजी जानकारियां निकाल सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक कुछ ब्रोकर्स मुफ्त सैंपल भेजते हैं। एक्सेल शीट में बेंगलुरु के लोगों की निजी जानकारी, पता और आय होती है। लोगों को फोन तक जब इसके बारे में पूछा गया तो वह भी सकते में रह गए।

हैदराबाद के रहने वाले राजशेखर ने कहा कि यह बहुत डराने वाली बात है। उनके क्रेडिट कार्ड की डिटेल, पता बाजार में मौजूद था। यह पूरी जानकारी गुड़गांव के एक डेटा दलाल से ली गई थ, जिसने एचडीएफसी और एक्सिस बैंक के 3000 लोगों के क्रेडिट कार्ड की जानकारी दी थी। इसकी कीमत महज 1000 ही थी। इतना ही नहीं डाटाबेस में नाम, पता, फोन नंबर जैसी जानकारियां मौजूद थी। साथ ही एक शख्स के पास कितने क्रेडिट, डेबिट और प्रीमियम कार्ड हैं, इसकी भी जानकारी है। ब्रोकर ने यह भी बताया कि बेंगलुरु, दिल्ली, एनसीआर के 1.7 लाख लोगों की ऐसी जानकारी 7,000 रुपये में दी जा सकती है।

बेंगलुरु के नागराज बीके कहते हैं कि इसे अपराध माना जाना चाहिए। कैसे कोई मुझसे जुड़ी जानकारी साझा कर सकता है। इसी तरह शहर की रहने वाली श्रुति ने अमेजन पर एक बैग खरीदा था, जिसके लिए उन्होंने अपना फोन नंबर भी दिया था। यह भी उस मुफ्त सूची का हिस्सा था। जब उन्हें फोन किया गया तो यह सच निकला। यह सुनते ही श्रुति डर गईं और उन्हें लगा कि उनके अमेजन अकाउंट को हैक किया गया है।

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