NHRC सेमिनार हॉल में पूर्व SC जज को काटना था फीता, पर आखिरी पलों में महिला हाउसकीपिंग स्टाफ से कराया गया उद्घाटन

मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष व सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज अरुण मिश्रा की मौजूदगी में सेमिनार हॉल का उद्घाटन करने वाली विमला ने कहा कि उसने कभी सोचा भी नहीं था कि वह अध्यक्ष और आयोग के अन्य सदस्यों के साथ मंच साझा करेगी।

बीते दिनों राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सेमिनार हॉल का उद्घाटन सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज के बजाय हाउसकीपिंग स्टाफ से करवाया गया। (फोटो: एएनआई)

मानवाधिकारों की रक्षा के लिए बने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के नई दिल्ली स्थित कार्यालय में बने नए सेमिनार हॉल का फीता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज को काटना था। लेकिन आखिरी पलों में महिला हाउसकीपिंग स्टाफ से इसका उद्घाटन कराया गया।  

हमारे सहयोगी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस में छपे कॉलम दिल्ली कॉन्फिडेंशियल कॉलम के मुताबिक़ राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के नई दिल्ली स्थित मानव अधिकार भवन कार्यालय में बने नए सेमिनार हॉल का उद्घाटन किया गया। इस सेमिनार हॉल का उद्घाटन मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष व सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज अरुण मिश्रा को करना था। लेकिन आखिरी समय में मानवाधिकार आयोग कार्यालय में ही काम करने वाली हाउसकीपिंग स्टाफ विमला से सेमिनार हॉल का उद्घाटन करवाया गया। 

हाउसकीपिंग स्टाफ से सेमिनार हॉल का उदघाटन करवाए जाने को लेकर मानवाधिकार आयोग के अधिकारियों ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि कोरोना महामारी के दौरान सक्रिय भूमिका अदा करने वाले और आयोग के अंदर समानता और गरिमा को बढ़ावा देने के मकसद से यह किया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि बीते 16 नवंबर को आयोग में संविदा पर काम करने वाली हाउसकीपिंग स्टाफ विमला और तीन अन्य कर्मचारियों से इसका उद्घाटन करवाया गया। 

मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष व सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज अरुण मिश्रा की मौजूदगी में सेमिनार हॉल का उद्घाटन करने वाली विमला ने कहा कि उसने कभी सोचा भी नहीं था कि वह अध्यक्ष और आयोग के अन्य सदस्यों के साथ मंच साझा करेगी। आयोग के कर्मचारियों ने भी सेमिनार हॉल का उद्घाटन हाउसकीपिंग स्टाफ से करवाए जाने के अध्यक्ष के फैसले की सराहना की। इस दौरान जस्टिस मिश्रा ने कहा कि यह फैसला इस बात पर जोर देने के लिए लिया गया कि मानवाधिकार सभी के लिए है और यह लोगों के पद से प्रभावित नहीं होता है।

क्या है राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग: राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग का गठन 12 अक्टूबर 1993 को किया गया था। इसका मुख्य कार्य संविधान द्वारा दिए गए मानवाधिकारों की रक्षा करना है। जिसमें जीवन का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार और समानता का अधिकार जैसे कई अधिकार शामिल हैं। आयोग का मुख्यालय नई दिल्ली में है। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के अलावा कई राज्यों में भी राज्य मानवाधिकार आयोग हैं।

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