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दिल्ली में ‘बेबस’ अस्पताल, मरीजों से बोले- कहीं और ले जाओ, शायद जान बच जाए

कोरोना वायरस की दूसरी लहर से जूझने के दौरान देश में ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर गहराए अप्रत्याशित संकट के बीच दिल्ली के कुछ ‘बेबस’ अस्पताल मरीजों के रिश्तेदारों को सलाह दे रहे हैं कि वे उन्हें किसी दूसरे अस्पताल ले जाएं।

coronavirus, covidबिस्तर की कमी के चलते मरीजों को अस्पताल में दाखिल होने से मना करता सुरक्षाकर्मी। (PTI)।

कोरोना वायरस की दूसरी लहर से जूझने के दौरान देश में ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर गहराए अप्रत्याशित संकट के बीच दिल्ली के कुछ ‘बेबस’ अस्पताल मरीजों के रिश्तेदारों को सलाह दे रहे हैं कि वे उन्हें किसी दूसरे अस्पताल ले जाएं जबकि कई अन्य के पास ऑक्सीजन का संरक्षित भंडारण का इस्तेमाल करने के सिवाय कोई विकल्प नहीं बचा है। दिल्ली के एक अस्पताल के निदेशक नरीन सहगल को यह नहीं पता कि वह ऐसी स्थिति में अपने मरीजों की मदद कैसे करेंगे।

ऑक्सीजन की तत्काल आपूर्ति करने के लिए गुहार लगाते हुए मीरा बाग स्थित नीओ अस्पताल के नरीन सहगल ने कहा कि अस्पताल में 120 कोविड-19 के मरीज हैं और ऑक्सीजन सिर्फ दो घंटे की बची है। सहगल ने एक वीडियो संदेश में कहा, “ अस्पताल में कोविड के 60 मरीजों को ऑक्सीजन की बेहद जरूरत है। ” उन्होंने कहा, “ मुझे वाकई नहीं पता कि इस स्थिति में अपने मरीजों की कैसे मदद करूं। मैं सबसे मदद मांग रहा हूं लेकिन कुछ नहीं हो रहा है। कृपया मदद करें।” फोर्टि्स अस्पताल (शालीमार बाग) फिलहाल संरक्षित ऑक्सीजन आपूर्ति पर चल रहा है और उसने प्रधानमंत्री, दिल्ली के मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों से ‘तत्काल मदद’ करने का आग्रह किया है। सरोज सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल को पिछले 44 घंटे से ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हुई है और वह अब मरीजों के रिश्तेदारों को सलाह दे रहा है कि वे उन्हें किसी और अस्पताल में ले जाएं।

सरोज सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल के चिकित्सा निदेशक पीके भारद्वाज ने कहा, “ हमारे पास ऑक्सीजन खत्म हो रही है और अपना बेक-अप इस्तेमाल कर रहे हैं। हमने स्थिति के बारे में मरीजों को सूचित कर दिया है और उन्हें अन्य अस्पतालों में भर्ती कराने की सलाह दे रहे हैं। चीजे वास्तव में बहुत अस्थिर हैं।”

भारद्वाज ने कहा कि अस्पताल को प्रति दिन औसतन तीन मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत होती है और उसे पिछले कुछ दिनों से करीब एक मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिल रही है। अस्पताल में फिलहाल 70 मरीज ऑक्सीजन पर हैं।

तुगलकाबाद इंस्टीट्यूशनल एरिया में स्थित बत्रा अस्पताल की भी यही स्थिति है। अस्पताल के कार्यकारी निदेशक सुधांशु वैंकट ने पीटीआई-भाषा को बताया, “ हमारे पास ऑक्सीजन पूरी तरह से खत्म हो गई यहां तक की संरक्षित भंडार भी खत्म हो गया है।”

उन्होंने कहा, “ हम असहाय महसूस कर रहे हैं। हमने परिवारों से कहना शुरू कर दिया है कि मरीजों को दूसरे अस्पताल ले जाएं जहां ऑक्सीजन उपलब्ध हो।” वैंकट ने अधिकारियों को सुबह में ऐसी स्थिति के बारे में चेताया था और सुबह करीब नौ बजे अस्पताल को ऑक्सीजन की आपात आपूर्ति मिली थी।

उन्होंने कहा था कि यह करीब डेढ़ घंटे तक चलेगी। अस्पताल में करीब 350 मरीज भर्ती हैं जिनमें से 265 कोरोना वायरस से पीड़ित हैं तथा 30 मरीज आईसीयू में हैं।

अधिकारियों ने बताया कि ऑक्सीजन के संकट के बीच दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल में 20 अत्यंत बीमार मरीजों की रात भर में मौत हो गई। अस्पताल में करीब 200 मरीज भर्ती हैं और उनके पास सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर केवल आधे घंटे की ऑक्सीजन शेष थी।

शालीमार बाग के फोर्टि्स अस्पताल में भी स्थिति ऐसी ही है और यहां भी संरक्षित ऑक्सीजन आपूर्ति से काम चलाया जा रहा है और सुबह से ऑक्सीजन की आपूर्ति का इंतजार किया जा रहा है। अस्पताल ने ट्वीट किया कि शालीमार बाग के फोर्टि्स अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म हो रही है और मरीजों की जिंदगी खतरे में है।

अस्पताल ने ट्वीट में कहा है, “ हम संरक्षित ऑक्सीजन का इस्तेमाल कर रहे हैं और सुबह से इसकी आपूर्ति के इंतजार में हैं। हम फिलहाल मरीजों को भर्ती करने पर रोक लगा रहे हैं। फौरन मदद का आग्रह है।”

उसने यह ट्वीट प्रधानमंत्री कार्यालय, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रेल मंत्री पीयूष गोयल और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को टैग किया है।

अस्पताल ने कहा कि वह ‘नाजुक स्थिति’ के बारे में मरीजों और तिमारदारों को अवगत रख रहा है और भर्ती मरीजों का अपनी क्षमता के अनुसार अच्छे से प्रबंधन करने की कोशिश कर रहा है।

सर गंगाराम अस्पताल को 1.5 टन ऑक्सीजन मिली है और उसका कहना है कि उसका मौजूदा भंडारण सिर्फ दो घंटे चलेगा। अस्पताल को प्रतिदिन कम से कम 11,000 घन मीटर ऑक्सीजन की आवश्यकता है।

एक अधिकारी ने बताया, “ हम ऑक्सीजन को सामान्य से आधे पर चला रहे हैं। 1.5 टन की यह आपूर्ति करीब दो घंटे चलेगी। स्थिति बहुत भयावह है।”

अस्पताल में शुक्रवार को गंभीर रूप से बीमार 25 मरीजों की मौत हो गई थी। अस्पताल ने शनिवार को सरकार से अनुरोध किया गया कि वह अस्पताल में भर्ती किए जाने वाले मरीजों की संख्या को घटाने पर विचार करे।

गंगाराम अस्पताल के प्रमुख डॉ डी एस राणा ने कहा, ‘‘मैं केंद्र और राज्य सरकार दोनों से मदद की अपील करता हूं। एक ओर तो उन्होंने कोविड बेड की संख्या बढ़ा दी है और दूसरी ओर वे पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं कर पा रहे। ऐसे में हम कैसे काम करेंगे?’’

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