होर्मुज जलमार्ग में ओमान तट के पास एक कमर्शियल जहाज GFS गैलेक्सी पर हमला किया गया है। इस जहाज पर 11 भारतीय नाविक सवार थे। GFS गैलेक्सी साइप्रस झंडे वाला एक बड़ा कटेंनर जहाज है। इस जहाज में सवार 11 भारतीयों में से 10 को बचा लिया गया है, जबकि एक अभी भी लापता बताया जा रहा है।
विदेश मंत्रालय ने कमर्शियल जहाज ‘GFS गैलेक्सी’ पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। साथ ही बताया है कि 11 भारतीय नागरिकों में से एक लापता है। ओमान स्थित भारतीय दूतावास इस स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। साथ ही वह चल रहे खोज एवं बचाव अभियान में ओमान के अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
विदेश मंत्रालय ने की शांति की अपील
विदेश मंत्रालय ने कहा, “होर्मुज जलमार्ग में कमर्शियल जहाजों पर लगातार हो रहे हमले को लेकर बेहद चिंतित हैं। हम तनाव को तुरंत कम करने और कूटनीतिक समाधान के लिए चल रही बातचीत को पूरा करने की अपनी अपील दोहराते हैं ताकि मिडिल ईस्ट में शांति और स्थिरत लौट सके। इलाके में कमर्शियल जहाजों और आम लोगों के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से जहाजों की आवाजाही और व्यापार को बिना रुकावट के जल्द बहाल किया जाना चाहिए।”
ईरानी सेना ने किया हमला- अमेरिका
अमेरिकी सेना की ओर से यूएस सेंट्रल कमांड ने एक्स पर ट्वीट किया, “आज (12 जुलाई) शाम 7:15 बजे (ET), U.S. सेंट्रल कमांड की फ़ोर्स ने इस हफ्ते ईरान के खिलाफ हमले का तीसरा दौर शुरू किया। यह कार्रवाई तब की गई जब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की सेना ने होर्मुज जलमार्ग से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज M/V GFS Galaxy पर खुलेआम हमला किया। हमले में एक सिविलियन क्रू मेंबर लापता हो गया है और जहाज में आग लगने और इंजन रूम को काफी नुकसान पहुँचने के कारण आगे नहीं बढ़ सकता।”
आगे कहा, “कमर्शियल जहाजों पर पहले हुए हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने के बाद, ईरान को ‘मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ (समझौता ज्ञापन) का पालन करने का एक और मौका दिया गया था, लेकिन वह फिर से ऐसा करने में नाकाम रहा। इसके जवाब में, अमेरिका ईरान की उस क्षमता को कमजोर करके उसे भारी कीमत चुकाने पर मजबूर कर रहा है, जिसके जरिए वह स्ट्रेट से गुजरने वाले सिविलियन नाविकों और व्यावसायिक जहाजों पर आसानी से हमले करता है। ये हमले ईरानी कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर किए जा रहे हैं।”
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अमेरिका ने बुधवार को ईरान पर एक बार फिर बड़े पैमाने पर सैन्य हमले शुरू किए। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन हमलों का मकसद होर्मुज जलमार्ग (Strait of Hormuz) में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। अमेरिकी सेना की मध्य-पूर्व कमान (CENTCOM) ने बताया कि ये हमले ईरान की उस सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए किए जा रहे हैं जिससे वह इस अहम समुद्री मार्ग को खतरे में डाल सकता है। ईरान पर अतिरिक्त अमेरिकी हवाई हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अमेरिका हर हमले का कई गुना ताकत से जवाब देगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
