केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह असम दौरे पर हैं। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने एक बड़ी चुनावी जनसभा को संबोधित किया। अमित शाह ने संसद के मकर द्वार पर LPG की कमी को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी के रवैये की निंदा की। उन्होंने राहुल गांधी पर देश और संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया।
अमित शाह ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
गुवाहाटी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, “कभी-कभी वह (राहुल गांधी) संसद के द्वार पर बैठकर चाय और पकौड़े खाते हैं। क्या उन्हें यह एहसास नहीं है कि नाश्ता करने के लिए सही जगह कौन सी है? संसद हमारे लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था है। वहां बैठकर विरोध प्रदर्शन करना भी लोकतांत्रिक तरीका नहीं है। लेकिन आपने तो विरोध प्रदर्शन से भी दो कदम आगे बढ़कर काम किया है। आप वहां बैठकर चाय और पकौड़े खा रहे हैं। यह पूरी दुनिया में भारत को बदनाम करने जैसा है।”
12 मार्च को राहुल गांधी संसद के मकर द्वार प्रवेश द्वार पर हुए एक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इस दौरान उनकी कुछ तस्वीरें और वीडियो वायरल हुई, जिनमें वह अपने साथियों के साथ चाय और नाश्ता करते हुए दिखाई दे रहे थे। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष को एक नोटिस सौंपा है, जिसके साथ उन्होंने इस घटना से जुड़ा एक पेन ड्राइव भी दिया है। इस नोटिस में उन्होंने कहा है कि राहुल गांधी के इस तरह के रवैये से संसद की गरिमा को ठेस पहुंची है।
अमित शाह ने नई दिल्ली में आयोजित ‘AI इम्पैक्ट समिट’ के दौरान कांग्रेस के युवा विंग द्वारा शर्ट उतारकर किए गए विरोध प्रदर्शन को लेकर भी विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। अमित शाह ने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन उन्होंने AI समिट में किए गए विरोध प्रदर्शन की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि AI समिट भारत को और अधिक सशक्त बनाने के लिए एक वैश्विक मंच था, न कि निजी राजनीति करने की कोई जगह।
विरोध करने की भी एक मर्यादा और सही जगह होती- अमित शाह
अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी ने बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करते-करते अब भारत का ही विरोध करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने AI समिट में कपड़े उतारकर देश को बदनाम करने की कोशिश की है। हम सभी राजनीति में हैं। हम भी कभी विपक्ष में थे, लेकिन विरोध करने की भी एक मर्यादा और सही जगह होती है। आपने इस समिट को निजी राजनीति का मंच बना दिया, जबकि यहां पूरी दुनिया भारत को देखने और भारत में निवेश करने के लिए इकट्ठा हुई थी। मैं राहुल गांधी से यह कहना चाहता हूं कि नरेंद्र मोदी और BJP का विरोध करते-करते अब आप भारत का ही विरोध करने लगे हैं। माफी मांगने के बजाय राहुल गांधी ने यह कहा कि जिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अर्धनग्न होकर विरोध प्रदर्शन किया है, वे ‘शेर-दिल’ हैं। मुझे नहीं लगता कि कोई भी जिम्मेदार राजनीतिक दल इस तरह का काम करेगा। वह (राहुल गांधी) दुनिया के सामने भारत और उसके लोकतंत्र को बदनाम कर रहे हैं। आप हमारा विरोध कर सकते हैं, पूरी ताकत से हमारा विरोध कर सकते हैं, लेकिन संसद में आप भाग जाते हैं। लेकिन जहां पूरी दुनिया भारत के युवाओं की ताकत देखने आती है, वहां आप उनकी संभावनाओं को सीमित कर रहे हैं। भारत की जनता आपको माफ़ नहीं करेगी। मुझे नहीं लगता कि देश में कोई भी इस तरह की सक्रियता का समर्थन करेगा।”
अमित शाह ने असम में कई बड़ी स्वास्थ्य परियोजनाओं का उद्घाटन किया और उनकी आधारशिला रखी। उन्होंने गुवाहाटी में नवनिर्मित प्राग्ज्योतिषपुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का, साथ ही गोलाघाट और तिनसुकिया में कैंसर केंद्रों का उद्घाटन किया। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री ने दीफू, जोरहाट और बारपेटा मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों की आधारशिला भी वर्चुअली रखी। उन्होंने गुवाहाटी के सिक्समाइल में ‘स्वास्थ्य भवन’ और अभयपुरी ज़िला अस्पताल की आधारशिला भी रखी। पढ़ें कांग्रेस ने जारी की 23 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट
