वीडियो: स्थानीय कश्मीरियों को डंडों से पीट रहे हैं हिज्बुल मुजाहिद्दीन आतंकी - Hizbul mujahideen terrorists beating local Kashmiri youth for police informer viral video emarged - Jansatta
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वीडियो: स्थानीय कश्मीरियों को डंडों से पीट रहे हैं हिज्बुल मुजाहिद्दीन आतंकी

कश्मीर में आतंकी अब इस तरह का प्रोपगैंडा वीडियो अक्सर जारी करने लगे हैं। ताकि लोगों में खौफ पैदा किया जा सके और लोग जरूरत पड़ने पर भी पुलिस और सेना की मदद करने से कतराएं।

हिज्बुल आतंकी कश्मीरी युवकों को बेरहमी से पीट रहे हैं। (Youtube grab)

जम्मू-कश्मीर से हिज्बुल मुजाहिद्दीन आतंकियों के जुल्म का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में आतंकी दो लोगों की बेरहमी से पिटाई कर रहे हैं। हिन्दी न्यूज चैनल न्यूज स्टेट के मुताबिक ये वीडियो दक्षिण कश्मीर के पुलवामा का है। इस वीडियो में हिज्बुल मजाहिद्दीन के दो आतंकी सेना की लिबास में दिख रहे हैं। ये दोनों आतंकी दो स्थानीय लोगों की बेरहमी से पिटाई कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक इन दोनों मासूमों पर आतंकियों ने पुलिस का इनफॉर्मर होने का आरोप लगा दिया और इनकी पिटाई की। ये आतंकी हथियारों से लैस हैं लेकिन इन्होंने अपने हाथ में लाठी भी ले रखी है और इसी से ये दो कश्मीरियों की बेरहमी से पिटाई कर रहे हैं। पीड़ित शख्स बचाने के लिए गुहार लगा रहा है, लेकिन यहां इनकी कोई सुनने वाला नहीं है। आतंकी लात घूसों से भी इन दोनों लोगों की पिटाई कर रहे हैं।

कश्मीर में आतंकी अब इस तरह का प्रोपगैंडा वीडियो अक्सर जारी करने लगे हैं। ताकि लोगों में खौफ पैदा किया जा सके और लोग जरूरत पड़ने पर भी पुलिस और सेना की मदद करने से कतराएं। इससे पहले भी आतंकी इस तरह का वीडियो जारी कर चुके हैं, इस वीडियो में आतंकी हथियारों के बल पर दो लोगों को अगवा कर ले गये थे और उनकी पिटाई की थी। इस वीडियो में भी दिखाई देता है कि आतंकियों ने इनकी पिटाई करने के बाद इनके सर के बाल काट दिये थे।

खबरों के मुताबिक ये दोनों लोग स्पेशल पुलिस ऑफिसर्स से जुड़े हुए थे। बता दें कि स्पेशल पुलिस ऑफिसर्स जम्मू कश्मीर पुलिस का हिस्सा है और आतंकियों के विरुद्ध अभियान में सेना की मदद करती है। स्थानीय लोगों द्वारा सेना का साथ दिये जाने से आतंकी बौखलाये रहते हैं और जब भी मौका मिलता है स्थानीय लोगों पर अत्याचार करते हैं। बता दें कि आतंकियों का मानना है कि स्पेशल पुलिस ऑफिसर्स सेना और पुलिस को आतंकियों के मूवमेंट की जानकारी देते हैं। इसलिए वे ऐसे लोगों के साथ बर्बरता से पेश आते हैं। ताकि स्थानीय युवक स्पेशल पुलिस ऑफिसर्स सेना में शामिल ना हों और अगर शामिल हो भी जाएं तो सेना को आतंकियों के बारे में जानकारी देने की हिम्मत ना उठा पाएं।

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