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आतंकियों से रिश्‍तों के आरोप में रिटायर्ड मेजर जनरल का बेटा गिरफ्तार, हिंदू है, पर करता है इस्‍लाम का पालन

44 साल का समीर सरदाना पेशे से चार्टर्ड अकांउटेंट है। वह हांगकांग, मलेशिया और सउदी अरब समेत कई देशों में मल्टीनेशनल कंपनियों के लिए काम कर चुका है।
आरोपी समीर सरदाना से गोवा एटीएस तीन दिन से पूछताछ कर रही है।

गोवा एटीएस ने आतंकियों से रिश्ते रखने के आरोप में समीर सरदाना नाम के शख्‍स को गिरफ्तार किया है। समीर के पिता आर्मी के रिटायर्ड मेजर जनरल हैं। पुलिस का कहना है कि समीर हिंदू है, लेकिन वह इस्‍लाम धर्म का पालन करता है। गोवा एटीएस उससे तीन दिनों से लगातार पूछताछ कर रही है। उसके पास से कुछ दस्‍तावेज भी बरामद किए गए हैं।

जानकारी के मुताबिक, 44 साल का समीर सरदाना पेशे से चार्टर्ड अकांउटेंट है। वह हांगकांग, मलेशिया और सउदी अरब समेत कई देशों में मल्टीनेशनल कंपनियों के लिए काम कर चुका है। गोवा पुलिस ने समीर को सोमवार को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। समीर वास्को स्टेशन पर संदिग्ध हालत में घूमता पाया गया था। पुलिस को उसके पास से पांच पासपोर्ट और चार मोबाइल फोन भी मिले हैं।

गोवा के डीजीपी टीएन. मोहन के मुताबिक, फिलहाल आरोपी के पास से ऐसा कुछ बरामद नहीं हुआ है, जिससे उसके बारे में कोई ठोस बात कही जा सके। लेकिन फिर भी उसकी हरकतों पर शक है, इसलिए पूछताछ और जांच पूरी की जाएगी। दूसरी ओर गोवा एटीएस के सूत्रों का कहना है कि समीर के पास कुछ ऐसे लेटर्स और ई-मेल मिले हैं जिनमें देश में हुए कुछ बम धमाकों के बारे में जानकारी है। वह इस बारे में काफी समय से सूचना एकत्रित कर रहा था।

समीर ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम किया है। फिलहाल वह मुंबई में रहता है। हाल के दिनों में उसका मूवमेंट वास्को और पणजी में ही रहा। गोवा एटीएस इस केस के बारे में देहरादून पुलिस के भी संपर्क है, क्‍योंकि वह मूलरूप देहरादून का ही रहने वाला है। सूत्रों के मुताबिक, समीर का एक भाई दिल्ली में डॉक्टर है। पुलिस को शक है कि समीर इंटरनेट के जरिए कट्टरपंथियों के कॉन्टैक्ट में आया होगा। वहीं, समीर के पिता ने बेटे की गिरफ्तारी को गलत बताया है।

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  1. I
    iqbal ahmed
    Feb 4, 2016 at 6:54 am
    अब क्या करेंगे चड्डीधारी संघटन जिन्हे सिर्फ मुसलामानों को दहशतगर्दी से जोड़ने में मज़ा आता है.पहले तो उन लोगों पर ये लोग अंकुश लगाये जो हिन्दू धर्म छोड़ कर इस्लाम काबुल कर रहे है.क्या सिद्धार्थ धार की मिसाल काम है ना जाने कितने लोग आज धर्म परिवर्तन कर रहे है...क्या हुआ पठानकोट हे का कौन लोग है इसमें जिन्होंने आतंकवादियों की मदद की,,?यहां तक के डाक विभाग के लोग भी इसमें शामिल थे और ख़ुफ़िया जानकारी शत्रु देश को दे रहे थे..इसमें भी कोई मुसलमान नहीं था.......
    (0)(0)
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