Hindu monk Brahmachari Chinmoy Krishna Das: बांग्लादेश के हाई कोर्ट ने रविवार (10 मई, 2026) को हिंदू संत ब्रह्मचारी चिन्मय कृष्ण दास की जमानत याचिका खारिज कर दी। इसको लेकर अब आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने मांग की है कि चिन्मय कृष्ण दास को जमानत दी जाए।
आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “जेल में 500 से ज्यादा दिन। जमानत फिर से नामंजूर। चिन्मय कृष्ण दास प्रभु, जो एक आध्यात्मिक गुरु और ISKCON के भिक्षु हैं, बांग्लादेश की जेल में बंद हैं और दुनिया बस देखती रह गई।”
क्या हिंदू समुदाय के अधिकारों की वकालत करना अपराध- पवन कल्याण
पवन कल्याणा ने आगे लिखा, “जब उनके वकील भी अदालत के गलियारों में डराए-धमकाए जाते हैं और चुप करा दिए जाते हैं, तो हम किस न्याय की बात कर रहे हैं? क्या अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के अधिकारों की वकालत करना कोई अपराध है? जब भगवा वस्त्रधारी किसी व्यक्ति के आवाज उठाने पर उसके साथ अपराधियों जैसा बर्ताव किया जाता है, तो दुनिया चुप नहीं रह सकती।”
आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम ने कहा, “मैं बांग्लादेश सरकार से अपील करता हूं कि चिन्मय कृष्ण दास प्रभु को तुरंत चिकित्सा सहायता और इससे भी ज्यादा जरूरी, निष्पक्ष न्याय तक पहुंच दी जाए। उन्हें जल्द से जल्द जमानत मिलनी चाहिए और दुनिया भर के उन सभी छद्म-धर्मनिरपेक्ष लोगों और चुनिंदा मानवाधिकार कार्यकर्ताओं से, जो रातों-रात सोशल मीडिया पर छा जाते हैं, मौका मिलते ही ‘तरबूज’ लहराते हैं और हैशटैग ट्रेंड कराते हैं, आपकी चुप्पी अब भी सुनाई दे रही है। जाहिर है, आपकी इंसानियत में भी एक ‘फ़िल्टर’ लगा है।”
चिन्मय कृष्ण दास की जमानत याचिका खारिज
बता दें कि बांग्लादेश के हाई कोर्ट ने रविवार को चिन्मय कृष्ण दास की जमानत याचिका खारिज कर दी। उन पर 2024 में एक वकील की हत्या के मामले में निचली अदालत में मुकदमा चल रहा है। बांग्लादेश सम्मिलित सनातनी जागरण जोते के प्रवक्ता दास को राजद्रोह के आरोप में 25 नवंबर, 2024 को ढाका के हजरत शाहजलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था।
