CJP Abhijeet Dipke: सोशल मीडिया हैंडल से जन्मी कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देश की राजनीतिक स्थिति को लेकर सवाल उठाए हैं और कहा है कि पिछले एक दशक से राजनीति हिंदू-मुस्लिम एजेंडे पर फोकस रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दे से किसी को रोजगार नहीं मिलता है बल्कि ये मुद्दे अन्य चिंताओं से ध्यान भटकाने में प्रयोग किए जाते हैं।
दरअसल, दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन को लीड करने वाले सीजेपी के अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र के संभाजी नगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित नीट पेपर लीक और सीबीएसई ओएसएम की खामियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग को दोहराया है।
किसी से गठबंधन नहीं – अभिजीत दीपके
इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया है कि केंद्र सरकार की नीतियों के वीडह से छात्रों का नुकसान हो रहा है। अपनी पार्टी के एजेंडे पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सीजेपी आंदोलन गैर-राजनीतिक है और किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगा।
‘पेपर कोई जिम्मेदारी नहीं ले रहा’
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर अभिजीत दीपके ने कहा कि परीक्षा संबंधी बार-बार होने वाले विवादों के मद्देनजर जवाबदेही का अभाव है। NEET परीक्षा के पेपर लीक के कथित मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल किया, “अगर कोई जिम्मेदारी नहीं ले रहा है तो सिस्टम कुशलतापूर्वक कैसे काम कर सकता है? अगर किसी कंपनी को किसी व्यक्ति की वजह से नुकसान हो रहा है, तो क्या उस व्यक्ति के इस्तीफा देने तक वह नुकसान मुनाफे में बदल जाएगा?”
हिंदू-मुस्लिम विवाद का किया जिक्र
अभिजीत दीपके ने कहा कि देश के राजनीतिक विमर्श को उन मुद्दों की ओर मोड़ने की जरूरत है जो सीधे तौर पर युवाओं को प्रभावित करते हैं, विशेष रूप से रोजगार और शिक्षा। उन्होंने कहा, “हम देख रहे हैं कि पिछले 10-12 वर्षों में देश की राजनीति हिंदू-मुस्लिम एजेंडे की ओर मुड़ गई है।”
दीपके ने हिंदू-मुस्लिम के मुद्दे को लेकर कहा, “यह मुद्दा रोजगार पैदा नहीं कर सकता। हमें अपना ध्यान इस ओर केंद्रित करने की जरूरत है, और सरकार की प्राथमिकताएं भी बदलनी चाहिए।” समाचार एजेंसी पीटीआई ने यह जानकारी दी।”
सीजेपी के स्वतंत्र रहने की कही बात
कई राजनेताओं और राजनीतिक संगठनों ने सीजेपी के इस आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त किया है, लेकिन दीपके ने जोर देकर कहा कि सीजेपी स्वतंत्र रहेगी। उन्होंने कहा, “हमने किसी भी राजनीतिक दल के नेताओं से बात नहीं की है। यह आंदोलन जेनरेशन जेड के लिए है। जो लोग हमारा समर्थन करना चाहते हैं, वे बाहरी तौर पर हमारा समर्थन कर सकते हैं, लेकिन हम किसी भी राजनीतिक दल से खुद को नहीं जोड़ेंगे।”
बांग्लादेश-नेपाल से तुलना पर क्या बोले?
सीजेपी के संस्थापक ने अपने आंदोलन और नेपाल और बांग्लादेश जैसे कुछ पड़ोसी देशों में देखे गए युवा नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों और सत्ता परिवर्तन के बीच तुलना को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, यहां भारत में एक व्यवस्था है। जो लोग हमारे आंदोलन की तुलना पड़ोसी देशों में हुए आंदोलनों से करते हैं, उन्हें यह जानना चाहिए कि जंतर-मंतर आंदोलन बहुत शांतिपूर्ण था।
दीपके ने कहा, “आंदोलन में शामिल होने वाले युवा देश के कोने-कोने से आए थे।” उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में होने वाले आंदोलन बड़े पैमाने पर आयोजित किए जाएंगे, लेकिन वे शांतिपूर्ण बने रहेंगे।
विरोध प्रदर्शन का किया जिक्र
जंतर-मंतर में प्रदर्शन में उमड़ी भीड़ की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, “जंतर-मंतर पर भारी भीड़ और तस्वीरें लोगों के बारे में खुद बयां करती हैं। वे कितने लोगों को पाकिस्तानी कहेंगे? क्या वे आंदोलनकारी छात्रों, विपक्ष और सवाल पूछने वाले मीडिया को पाकिस्तानी कहेंगे?”
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‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने शनिवार को केंद्र सरकार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने के लिए सात दिनों का अल्टीमेटम दिया है। कांग्रेस को छोड़कर विपक्षी दलों ने जंतर-मंतर पर हुए इस विरोध-प्रदर्शन का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह देश के युवाओं की निराशा को जाहिर करता है। पढ़िए पूरी खबर…
