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हिंदू महासभा ने शुरू की नाथू राम गोडसे पर लाइब्रेरी, कहा- उन्हें सच्चा राष्ट्रवादी बताना मकसद

गोडसे ज्ञान शाला का उद्घाटन दौलत गंज स्थित महासभा के कार्यालय में किया गया। इस ज्ञानशाला में गोडसे ने कैसे महात्मा गांधी की हत्या की और उनके सभी भाषण और लेख से संबंधित साहित्य मौजूद हैं।

Author Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: January 11, 2021 10:53 AM
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अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने रविवार को विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे पर एक लाइब्रेरी खोली है। इस लाइब्रेरी का शुभारंभ ग्वालियर में किया गया है यह गोडसे के जीवन और विचारधारा को समर्पित है। गोडसे ज्ञान शाला का उद्घाटन दौलत गंज स्थित महासभा के कार्यालय में किया गया। इस ज्ञानशाला में गोडसे ने कैसे महात्मा गांधी की हत्या की और उनके सभी भाषण और लेख से संबंधित साहित्य मौजूद हैं।

ज्ञानशाला को दुनिया को ये बताने के लिए खोला गया है कि गोडसे कितने सच्चे राष्ट्रवादी थे। महासभा के उपाध्यक्ष जयवीर भारद्वाज ने कहा, ”पुस्तकालय को खोलने का मकसद दुनिया को यह बताना है कि गोडसे एक सच्चे राष्ट्रवादी थे। वह अविभाजित भारत के लिए लड़े और मर गए। पुस्तकालय का उद्देश्य उनके सच्चे राष्ट्रवाद को स्थापित करना है जिसे आज के अज्ञानी युवा नहीं जानते हैं।” भारद्वाज ने कहा, ‘भारत विभाजन जवाहरलाल नेहरू और मोहम्मद अली जिन्ना की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हुआ था। दोनों एक राष्ट्र पर अपनी हुकूमत चाहते थे, जबकि गोड़से ने हमेशा इसका विरोध किया था।’

भारद्वाज ने कहा, ‘देश विभाजन को कांग्रेस ने स्वीकार किया है। आज उसके कारण पाकिस्तान भारत का दुश्मन बन गया है। भारत की बहुत बड़ी संपत्ति पाकिस्तान से देश की सुरक्षा में खर्च होती है। इतना ही नहीं, कांग्रेस ने ही देश में हिंदू और मुसलमान के बीच नफरत की खाई को बढ़ाया है।’

गोडसे को समर्पित पुस्तकालय के ग्वालियर को इस लिए चुना गया है क्योंकि महात्मा गांधी की हत्या की तैयारी ग्वालियर में ही हुई थी और हत्या में प्रयुक्त पिस्टल तत्कालीन सिंधिया स्टेट के चिन्ह वाली थी। हिन्दू महासभा यहां अभी भी हर साल गोडसे का बलिदान दिवस और जन्मदिवस मनाती है। कुछ वर्ष पहले उसने कार्यालय में गोडसे की प्रतिमा भी स्थापित कर ली थी लेकिन विवाद होने पर पुलिस ने उसे जब्त कर लिया था। अब उन्होंने गोडसे ज्ञानशाला ही शुरू कर दी।

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