ताज़ा खबर
 

ह‍िंदू महासभा अध्‍यक्ष ने कहा- गोमांस नहीं खाने का ल‍िख‍ित वादा दे तभी करो केरल बाढ़ पीड़ि‍तों की मदद

हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज ने विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने अपील की है कि पूरी दुनिया के दानदाता सिर्फ उन्हीं लोगों को दान दें, जो शाकाहारी हैं। जो गोमांस खाते हैं, उन्हें मदद न दी जाए।

अखिल भारत हिंदू महासभा चीफ स्वामी चक्रपाणि। (Photo Source: Indian Express/Vasant Prabhu)

केरल इस वक्त भीषण बाढ़ की आपदा से कराह रहा है। पूरी दुनिया के लोग केरल के बाढ़ पीड़ितों को सहायता पहुंचा रहे हैं और उनकी कुशलता की कामना कर रहे हैं। ऐसे वक्त में हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज ने विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने अपील की है कि पूरी दुनिया के दानदाता सिर्फ उन्हीं लोगों को दान दें, जो शाकाहारी हैं। जो गोमांस खाते हैं, उन्हें मदद न दी जाए। इस संबंध में गोमांस न खाने का लिखित वादा लेने पर ही मदद की जानी चाहिए।

दरअसल चक्रपाणि महाराज ने कुछ दिनों पहले ही ट्वीट करके ये कहा था कि केरल में आई प्राकृतिक आपदा गोमांस खाने से हुए पाप के कारण आई है। इसके बाद समाचार चैनल आज तक से अपनी बातचीत में आचार्य चक्रपाणि ने फिर से अपनी बात को दोहराया। उन्होंने कहा, ” देश में जिस तरह से गो हत्या की जा रही है। उस तरीके से निश्चित रूप से इन्द्र देवता कुपित हो रहे होंगे।”

HOT DEALS
  • Apple iPhone SE 32 GB Gold
    ₹ 19959 MRP ₹ 26000 -23%
    ₹0 Cashback
  • Moto G6 Deep Indigo (64 GB)
    ₹ 15727 MRP ₹ 19999 -21%
    ₹0 Cashback

आचार्य चक्रपाणि ने आगे कहा,”हिंदू धर्म में कर्म का सिद्धांत कहता है कि कर्म कभी नष्ट नहीं होता है। कर्म का स्वरूप जरूर बदल जाता है। जिन्होंने गौ हत्या की है। गो मांस का भक्षण किया है। परमात्मा उन्हें अवश्य दंड देता है। लेकिन जिन अन्य शाकाहारियों पर कष्ट आया है। वह ऐसा ही है, जैसा गेहूं के साथ घुन पिस जाने पर आता है।”

आचार्य चक्रपाणि ने पूरे विश्व के हिंदू समुदाय से अपने इंटरव्यू में अपील भी की है। उन्होंने कहा,” केरल की बाढ़ आपदा में दान देने वाले सभी लोगों को ये सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि उनके दान का उपयोग गाय के हत्यारे और गौ वध के समर्थकों को न हो। उनसे लिखवा कर लेने के बाद ही सिर्फ शाकाहारियों को ही दान दिया जाना चाहिए।”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App