आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर हिंदू धर्म का अपमान करने का आरोप लगाया है। यह प्रतिक्रिया बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की एक रैली के दौरान सामने आए वीडियो के बाद आई है जिसमें एक व्यक्ति भगवान हनुमान की वेशभूषा में सड़क पर उनके काफिले के सामने नृत्य करता दिखाई दे रहा है।

केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, ”जितना नुकसान और अपमान आप लोगों ने हिंदू धर्म का किया है, शायद भारत के 5000 वर्ष के इतिहास में बाहर से आने वाले आतताइयों ने भी नहीं किया। जितना आप लोगों ने हिंदुओं को लूटा है, आज तक किसी ने नहीं लूटा। हिंदू धर्म पर आप लोग कलंक हैं।”

केजरीवाल ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए यह भी लिखा, ”ये वीडियो देखिए। ये क्या कर रहे हैं आप। शर्म आती है आपको? पूरे हिंदू समाज से माफी मांगिए।”

केजरीवाल का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के संदर्भ में आया है। बीजेपी की ओर से इस मामले पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

क्या है मामला?

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ दौरे पर पहुंचे थे। यहां आयोजित रैली का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस रैली में भगवान हनुमान की वेशभूषा में पहुंचे एक कलाकार ने सड़क पर काफिले के सामने जमकर नृत्य किया जिसे देखकर वहां मौजूद कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने तालियों और जयकारों के साथ उसका उत्साह बढ़ाया।

कलाकार के डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ जिसके बाद इसे लेकर राजनीतिक बहस भी शुरू हो गई। इसी वीडियो को साझा करते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर हिंदू धर्म का अपमान करने का आरोप लगाया और पूरे हिंदू समाज से माफी मांगने की मांग की।

सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

हनुमान वेश में कलाकार के नृत्य का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर तीखी बहस छिड़ गई। कई यूजर्स ने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताते हुए आपत्ति जताई जबकि कुछ लोगों ने इसे चुनावी प्रचार में धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल से जोड़कर सवाल उठाए।

सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने लिखा, “इतनी हिम्मत सिर्फ बीजेपी वाले ही कर सकते हैं, जो हनुमान जी को नचा रहे हैं।” एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, “अब पवनपुत्र हनुमान जी भी बीजेपी का प्रचार करेंगे?”

एक अन्य पोस्ट में कहा गया, “क्या अब किसी की धार्मिक भावनाएं आहत नहीं हो रही हैं?” वहीं, एक यूजर ने लिखा, “नेताओं के आगे भगवान हनुमान को नाचना पड़ रहा है, यह भगवान का मजाक उड़ाने जैसा है।”

कुछ अन्य यूजर्स ने सवाल उठाया कि “ऐसे कार्यक्रमों की अनुमति कौन देता है?” जबकि कुछ ने आरोप लगाया कि “अगर किसी दूसरी पार्टी के कार्यक्रम में ऐसा होता तो धार्मिक संगठनों की प्रतिक्रिया अलग होती।”

सोशल मीडिया पर व्यक्त ये टिप्पणियां संबंधित यूजर्स की व्यक्तिगत राय हैं।