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हिंदी विवादः इस फोटो से तमिलनाडु के मंत्री को कुमार विश्वास का जवाब- हम डोसा-इडली बेचने वाले दक्षिणी बंधुओं को कहते हैं “अन्ना”, जुबान ठीक रखोगे तो सही रहेगा स्वाद

दरअसल, तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री के. पोनमुडी ने शुक्रवार (13 मई, 2022) को “हिंदी से नौकरी मिलने” के दावे पर तंज कसते हुए सवाल उठाया था कि ‘पानीपूरी कौन लोग बेच रहे हैं’?

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हवाई जहाज के भीतर बैठक पानीपूरी का स्वाद चखते हुए कवि कुमार विश्वास। (फोटोः @DrKumarVishwas/टि्वटर)

हिंदी भाषा को लेकर विवादित बयान देने वाले तमिलनाडु के मंत्री को जाने-माने कवि कुमार विश्वास ने अपने अंदाज में जवाब दिया है। उन्होंने माइक्रो ब्लॉगिंग प्लैटफॉर्म टि्वटर पर खुद का प्लेन में पानीपूरी खाने से जुड़ा एक पुराना फोटो शेयर करते हुए कहा है- हम लोग दक्षिण भारत के लोगों को अन्ना (बड़ा भाई) कहकर पुकारते हैं। आप अगर अपनी जबान ठीक रखेंगे तो आपका स्वाद भी सही रहेगा।

शनिवार (14 मई, 2022) को ट्वीट के जरिए कवि ने कहा, “हमारी तमिल मौसी के पुत्र भाई के.पोनमुडी (टैग करते हुए) जी। हिंदी मां के बेटे तो हर हाल में गौरवान्वित हैं। दक्षिण के अपने भाई-बहनों की स्वाद ग्रंथियों को ऊर्जा देने वाले गोल-गप्पे बेचकर भी और इसी मां हिंदी की कृपा से हिंदी कविता सुनाने चार्टर प्लेन से यात्रा करते हुए गोलगप्पे खाकर भी। जय हिंद।”

विश्वास ने एक अन्य ट्वीट में लिखा- तमिल बेहद समृद्ध और विकसित भाषा है। आपको गौरवान्वित होना चाहिए कि हम और आप ऐसे भाषा-परिवार का अंग हैं और हां पोनमुडी भाई, अपने क्षेत्रों में इडली-डोसा बनाने वाले दक्षिणी बंधुओं को हम प्यार और आदर से “अन्ना” कहते हैं। जुबान ठीक रखोगे भाई तो स्वाद भी ठीक रहेगा। लव यू। जय हिंद।

दरअसल, तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री के. पोनमुडी ने शुक्रवार को भारतीयार विश्वविद्यालय के 37वें दीक्षांत समारोह में कहा था कि राज्य सरकार दो भाषाओं के फॉर्मूले की अपनी नीति को जारी रखेगी। उन्होंने इसके साथ ही कथित तौर पर हिंदी थोपने के किसी भी प्रयास की आलोचना की। आगे इस दावे पर सवाल उठा दिया कि हिंदी भाषा सीखने से रोजगार मिलेगा।

हिंदी से जुड़ी उनकी टिप्पणी की कुछ पक्षों ने आलोचना भी की। हिंदी सीखने वालों के लिए नौकरी उपलब्ध होने के बारे में जोर देने वालों पर निशाना साधते हुए मंत्री ने पूछा था कि अभी शहर में ‘पानी पुरी’ कौन लोग बेच रहे हैं? इस बयान में उनका इशारा स्पष्ट रूप से इस पेशे में शामिल मुख्यतया हिंदी भाषी विक्रेताओं की ओर था।

‘एक देश, एक भाषा’ के पक्ष में राउतः उधर, शिवसेना नेता संजय राउत ने शनिवार को ‘एक देश, एक भाषा’ की वकालत की। उन्होंने कहा कि हिंदी पूरे भारत में बोली जाती है और उसकी स्वीकार्यता भी है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह को यह चुनौती स्वीकार करनी चाहिए कि सभी राज्यों में एक भाषा हो। रोचक बात यह है कि शिवसेना नेता की यह टिप्पणी तब आई है, जब करीब एक महीने पहले शाह ने कहा था कि हिंदी को अंग्रेजी के विकल्प के तौर पर स्वीकार किया जाना चाहिए, न कि स्थानीय भाषाओं के विकल्प के तौर पर। उनके इस बयान का दक्षिणी राज्यों में कई प्रतिष्ठित नेताओं ने विरोध किया था।

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